- स्ट्रीट लाइट के खुले तारों की वजह से खंबे में उतर आया था करेंट
जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: बीते सितंबर की 16 तारीख को 11वीं कक्षा के छात्र फिरोज की मौत सड़क पर लगे बिजली के खंभे में करंट उतर आने से हो गई थी बता दें कि खंबे में लगी स्ट्रीट लाइट को जलाने और बुझाने के लिए जिस स्विच का उपयोग किया जाता था उसके तार खुले हुए थे जिसके कारण खंभे में करंट उतर आया था।
जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय बारिश के कारण सड़क पर पानी भरा हुआ था । अपनी मां का इकलौता बेटा फिरोज कोटे से राशन लेने अपनी साइकिल पर सवार होकर निकला था लेकिन लखनऊ नगर निगम के जिम्मेदारों की लापरवाहियों की वजह से वो वापस जीवित घर नहीं पहुंच सका । अपनी मां का इकलौता सहारा फिरोज ही था उसके पिता का कुछ दिनों पहले ही देहांत हो चुका था ।
बीते 16 सितंबर को इस्माइल गंज में रहने वाला 17 वर्षीय फिरोज अपनी मां को यह कहकर निकला कि वह कोटे से राशन लेने जा रहा है। उस समय बारिश का मौसम था और सड़क पर पानी भरा हुआ था। फिरोज साइकिल पर सवार होकर सड़क पर जा रहा था कि सड़क में एक गड्ढे की वजह से फिरोज के साइकिल वहां किनारे खड़े बिजली के पोल के पास जा गिरी और फिरोज का शरीर बिजली के खंभे के संपर्क में आ गया जिसके बाद करंट लगने से फिरोज की मौत हो गई। इस मामले में नगर निगम के कर्मियों को विद्युत सुरक्षा उपनिदेशक की आधिकारिक रिपोर्ट में दोषी पाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार जांच में पाया गया कि बिजली के खंभे में लगी स्ट्रीट लाइट जलाने और बुझाने के लिए लगे स्विच के तार खुले थे जिसके कारण करंट खंबे में भी दौड़ रहा था। रिपोर्ट में नगर निगम के लाइटिंग विभाग के अनुरक्षण पर प्रश्नचिन्ह उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
यह घटना विद्युत नियमावली 1956 नियम 29 और नियम 90(1) के उल्लंघन के फल स्वरुप घटित हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर विद्युत लाइन का समय-समय पर जांच और रख रखाव ठीक से करा गया होता तो 17 वर्षीय फिरोज की मौत न होती। विद्युत सुरक्षा की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट में नगर निगम को फिरोज की मौत के लिए उसकी मां को मुआवजा देने और अनुरक्षण का कार्य देख रहे संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।

