जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज सोमवार को यूपी विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायक वेल में आ गए और राज्यपाल वापस जाओ के नारे लगाने लगे। इतना ही नहीं सपा विधायक हंगामा करते हुए नारे लगा रहे है कि संविधान विरोधी सरकार नहीं चलेगी, ये जनता का पैसा खाते है घपलेबाज सरकार चलाते हैं।
हालांकि, इस दौरान हंगामे के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपना अभिभाषण पूरा किया। अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सदन की उच्च गरिमा और मर्यादा को बनाए रखते हुए गंभीर चर्चा को आगे बढ़ाने से लोकतंत्र के प्रति आमजन की आस्था बढ़ती है।
प्रदेश सरकार राज्य के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। विधानसभा में सकारात्मक माहौल में चर्चा होनी चाहिए। संसदीय परंपराओं का पालन करते हुए सभी सदस्यों को अपने सुझावों एवं मुद्दों को सदन में रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ने बड़े विश्वास के साथ सदस्यों को देश की सबसे बड़ी विधानसभा में चुनकर भेजा है। जनता के विश्वास पर खरा उतरना सभी सदस्यों का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अभी सत्र की कार्यवाही 20 फरवरी से लेकर 10 मार्च तक निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता के लिए 22 फरवरी को सदन में बजट प्रस्तुत होगा। बजट पर दोनों सदनों में चर्चा होने के बाद इसे पारित किया जाएगा।
उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग इन्वेस्टर समिट में लगाए पौधे को नहीं बचा पा रहे हैं वह इन्वेस्टमेंट कहां से लाएंगे। रामचरितमानस पर स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर अखिलेश यादव ने कहा कि इसका जवाब सदन में देंगे। उन्होंने कहा कि ये सरकार वो झूठी सरकार है जिसने कहा कि एक लाख करोड़ रुपए मंडी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए देंगे।

