- 100 साल पुराना है मकान, दो बच्चे घायल, बाइक से जा रहे दो युवक भी आए चपेट में
- चाकलेट लेने घर से निकल ही रहे थे तभी छज्जा गिरा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोतवाली थाना क्षेत्र में सैकड़ों ऐसे मकान है जो जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं और कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं, लेकिन न तो स्थानीय प्रशासन और न ही नगर निगम इस ओर गंभीरता से काम कर रहा है। आए दिन इस क्षेत्र में मकान गिरने की घटनाएं आती रहती है, लेकिन नगर निगम के कान में जूं नहीं रेंगती है।
ताजा घटनाक्रम में गुरुवार को कोतवाली थानांतर्गत गुदड़ी बाजार स्थित नक्कारचियान में अनवार के 100 साल पुराने मकान का छज्जा गिरने से एक बारह साल की बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई जबकि दो बच्चे घायल हो गए। वहीं, घर के बाहर बाइक से जा रहे दो युवक भी घायल हो गए। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

घटना दोपहर तीन बजे के करीब की है। नक्कारचियान में हाजी अनवार का मकान है जो करीब 100 साल पुराना बताया जा रहा है। दोपहर तीन बजे अब्दुल अजीम की 12 साल की बेटी मरियम, आबिद की बेटी हमजा और अब्दुल का बेटा आयद छज्जे के नीचे खड़े थे और दुकान से चाकलेट लेने के लिये जा रहे थे। तभी छज्जा भरभरा कर नीचे गिर गया।
लाल चट्टान और लाहौरी र्इंटों से बने छज्जे का एक बड़ा हिस्सा 12 साल की मरियम के सिर पर गिरा और वो चीख मारती हुई नीचे गिर गई। तभी उस पर भरभरा कर तमाम मलबा गिया। मरियम के बगल में खड़ी हमजा और आयद भी घायल हो गए। छज्जे का मलबा वहां से गुजर रहे बाइक सवार मथुरा निवासी शारिक और ईरा गार्डन निवासी नजाहिर के ऊपर भी गिरा,
जिससे वो लोग भी घायल हो गए। छज्जा गिरने की आवाज सुनकर आसपास के काफी लोग एकत्र हो गए और मलबा हटाने लगे। मलबे के अंदर दबी मरियम को लेकर लोग जिला अस्पताल भागे जहां डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। वहीं, चार वर्षीय आयत और नौ वर्षीया हमजा को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मोहल्ले में रहने वाले चौधरी हाजी इकबाल ने बताया कि मकान पुराना है अचानक बच्चों के ऊपर गिर गया।
बच्चों की हालत गंभीर है। पुलिस को भी सूचना दी है। तीनों बच्चे एक ही परिवार के हैं। हादसे की खबर लगते ही तंग गलियां होने के बाद भी काफी संख्या में लोग एकत्र हो गए। कोतवाली पुलिस के अलावा सीओ कोतवाली अमित राय और एसपी क्राइम अनित कुमार भी मौके पर पहुंच गए।

पुलिस के सामने लोगों ने ट्रॉली मंगवा कर मलवा एकत्र करवाया। एसपी क्राइम का कहना है कि अनवार का मकान काफी दिनों से बंद पड़ा था। उससे भी पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा नगर निगम से भी इस संबंध में वार्ता की जाएगी कि जर्जर मकानों को लेकर क्या प्लानिंग है।
मां का रो-रोकर हाल बेहाल
12 साल की बेटी की मौत की खबर लगते ही पिता अब्दुल अजीम और मां का रो-रोकर बुरा हाल था। मां लाड़ली बेटी के शव से लिपट कर बुरी तरह से रो रही थी। इस गमगीन माहौल को देखकर आस पड़ोस की महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक पाई। पूरे परिवार में हाहाकार मचा हुआ था। मौत की खबर लगते ही काफी संख्या में महिलाएं एकत्र हो गई थी और मरियम की मां को ढांढस बंधाने में लगी हुई थी।
पहले भी गिरे मकान
13 सितंबर 2020 को सदर थाना क्षेत्र के रजबन बाजार में हारुन पत्नी रुकसाना और तीन बच्चों के साथ रहता था। जिस कमरे में पूरा परिवार लेटा था, उसकी छत भरभरा कर गिर गई और पूरा परिवार उसी मलबे में दब गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत कर सभी पांच लोगों को बाहर निकाल कर उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा था। उपचार के दौरान रुकसाना की मौत हो गई थी।
23 नवंबर 2021 को भावनपुर थाना क्षेत्र के जयभीमनगर में मंगलवार दोपहर दो मंजिला मकान भरभराकर गिर गया था। कई लोग मलबे में दब गए थे। जिस वक्त यह हादसा हुआ परिवार के लोग अंदर ही मौजूद थे। मलबे में दबकर सतेंद्र के पांच वर्षीय बेटे हर्षित की मौत हो गई थी, जबकि किरणपाल की पत्नी कमलेश, पवन की बेटी काकुल (5) घायल हो गई थी।
अयोध्या में डूबे दीपांशु का शव बरामद, परिवार में कोहराम
गत रविवार को अयोध्या सरयू नदी में डूबे मेरठ के गंगानगर बी ब्लॉक निवासी 19 वर्षीय दीपांशु पुत्र बलकेश का शव गुरुवार शाम अयोध्या सरयू नदी से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने 4 दिन के रेस्क्यू के बाद बरामद कर लिया है। पानी में भीगा होने के कारण सब काफी फूल गया था। दीपांशु के शव की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया पिता बेटे के शव को देखकर गश खाकर गिर पड़े। परिजनो का रो रो कर बुरा हाल है।
दीपांशु लखनऊ के आर्किटेक्चर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था और रविवार को अपने साथी छात्रों के साथ अयोध्या घूमने गया था।जहां सभी छात्र अयोध्या सरयू नदी में नहा रहे थे। पानी का तेज बहाव होने के कारण दीपांशु समेत अन्य पांच छात्र सरयू नदी में डूब गए थे। अयोध्या पुलिस ने मेरठ एसएसपी से संपर्क किया था। जिसके बाद गंगानगर पुलिस ने परिजनो को छात्र के डूबने की जानकारी दी थीं।

परिजन रविवार से ही अयोध्या में डेरा जमाए हुए थे। छात्रों के डूबने पर शोर-शराबा होने पर एनडीआरएफ और जल शक्ति पुलिस ने कड़ी मशक्कत रेस्क्यू के बाद चार छात्रों को बचा लिया था। दीपांशु सहित एक अन्य छात्र का काफी तलाश करने के बाद भी पता नहीं चल रहा था।
एनडीआरफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम चार दिन से लगातार सर्च रेस्क्यू कर रही थीं, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण टीम को बीच में रेस्क्यू आॅपरेशन रोकना पड़ा। तेज बहाव के कारण तलाश करने में काफी दिक्कत भी हो रही थी। गुरुवार शाम छह बजे रेस्क्यू आॅपरेशन के समय दीपांशु का गला हुआ शव बरामद हुआ।

