Wednesday, April 22, 2026
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बची खुची फसल समेटने में लगे अन्नदाता

  • बारिश से डरे किसानों ने की गेहूं की कटाई शुरू

जनवाणी संवाददाता |

लखनौती: कुदरत की मार और दो सप्ताह से तेज़ हवा और रूक-रूक हो रही वर्षा ने किसानों को अपनी बची खुची फसल समेटने पर मजबूर कर दिया है। देहात क्षेत्र में कई किसान अपनी फसल को काटते हुए नज़र आये। वहीं ज़्यादातर फसल खेतो में बिछी हुई नजर आई।

ज्ञात हो कि तेज़ हवा और बारिश ने तैयार गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा दिया है। जिसके चलते किसानों को फिर बारिश होने पर रही सही फसल के बर्बाद होने का डर सताने लगा है। जिसके चलते किसानों ने अपनी बची खुची फसलों को समेटना शुरू कर दिया है।

होली के बाद गेहूं की फसल आमतौर पर पककर तैयार हो जाती है। परन्तु बीते दिनों हुई बारिश फसल को बर्बाद करने के साथ उसके पकने देरी का कारण बनी, लेकिन अब मौसम खराब होने के डर से गेंहू की फसल में किसान ने कटाई शुरू कर दी है। जानकारों की माने तो अभी कुछ किसानों ने ही खेतों में खड़ी गेंहु की फसल की कटाई शुरू की है। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में आरंभ हुआ फसल कटाई का कार्यअगले सप्ताह से जोर पकड़ेगा। साथ ही थ्रेसिग का कार्य भी शुरू हो जाएगा।

क्षेत्र किे अलावा खादर क्षेत्र में भी कटाई शुरू हो गई है। थ्रेसिग मशीने भी सर्विस कराकर निकासी को तैयार हैं। गांव बुड्डाखेड़ा निवासी किसान भूषण शर्मा का कहना है की अबकी बार गेहू की फसल बिल्कुल खत्म हो गयी है। पहले एक बीघा मे चार से पांच कुंतल तक गेंहु निकल जाता था। लेकिन मौसम की और लगातार हुई बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। जिसके चलते अबकी बार केवल एक बीघा ज़मीन में डेढ़ से दो कुंतल अनाज ही मुश्किल निकलने की उम्मीद है। बस अब सरकार से ही मदद की कुछ आस बनी हुई है।

गांव निवासी किसान अरविन्द सैनी ने बताया कि उनके परिवार के पास बारह बीघा ज़मीन है जिसमे उन्होंने गेहूं बोया हुआ था, लेकिन बारिश से सब बर्बाद हो गया है। गांव कुंडा कला निवासी किसान राशिद, मुजफ्फर, जुल्फिकार, मनीष, गांव कुंडा बसी के आशु, नाजिम, वेदपाल आदि किसानों ने भी फसल में भारी नुकसान बताते हुए सरकार से मदद की उम्मीद जताई है।

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