- हत्यारोपियों के घर और खेतों में लगाई आग स्थिति तनावपूर्ण
- पूरा गांव छावनी में तब्दील, काफी देर चली आगजनी और तोड़फोड़
- रोकने की कोशिश नहीं, दहशत में विशेष समुदाय के काफी लोग फरार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव पलड़ा में रविवार देर शाम हुए विशु हत्याकांड के बाद सोमवार को मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान जमकर बवाल हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने संप्रदाय विशेष के घरों और खेतों में आग लगा दी। घटना के चलते एसएसपी और एसपी देहात सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने हालात को संभालते हुए अपनी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया।
हस्तिनापुर के पलड़ा गांव में रविवार शाम रामवीर के पुत्र विशु की संप्रदाय विशेष के दबंगों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद सुबह विशु का शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिवार के लोग सैकड़ों ग्रामीणों के साथ शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। आरोप है कि इसी बीच घटनास्थल के निकट संप्रदाय विशेष के युवकों ने ग्रामीणों पर पथराव कर दिया।

जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा भी संप्रदाय विशेष के घरों पर पथराव किया गया। इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने संप्रदाय विशेष के आधा दर्जन घरों में आग लगा दी। जिसके चलते पूरे गांव में हड़कंप मच गया। जानकारी के बाद आनन-फानन में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एसपी देहात कमलेश बहादुर और कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस की मौजूदगी में आक्रोशित भीड़ ने लगाई आग
हस्तिनापुर: पलड़ा गांव के विशु के ऐलानिया कत्ल के बाद गांव में जबरदस्त तनाव है। यह तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब अंतिम संस्कार में जा रहे लोगों में से कुछ आक्रोशित लोगों ने भारी भरकम फोर्स के बाद भी विशेष समुदाय के आधा दर्जन घरों में आग लगाकर खेतों को भी आग के हवाले कर दिया। इससे गांव में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया। तनाव को देखते हुए पूरा गांव छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों को गांव में रहने के निर्देश दिये गए है। उधर, संप्रदाय विशेष की बस्ती के लोग दहशत के चलते घरों से फरार हो चुके हैं। वहीं, इस संबंध में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने कहा कि जिन लोगों पर हत्या का आरोप है। उनके घर में आग लगाई गई है।

एक गेहंू और ईख के खड़ी फसल को भी आग लगाई गई है। सीओ आशीष शर्मा, एसडीएम अखिलेश यादव एवं कई थानों का पुलिस बल एवं क्यूआरटी पुलिस बल दौड़ पड़ा और स्थिति को संभाला। एसएसपी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
आग के हवाले की गेहूं व गन्ने की फसल
थाना क्षेत्र के गांव पलड़ा में संप्रदाय विशेष द्वारा ऐलानिया कत्ल किए जाने की घटना के बाद सोमवार को विशु का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो लोगों में एक बार फिर से आक्रोश पनप गया। अंतिम यात्रा में शामिल लोग उपद्रवी हो गए और उन्होंने समुदाय विशेष के घरों के साथ गेहूं और गन्ने के खेत आग के हवाले कर दिए।
गांव में कर्फ्यू जैसा माहौल
संप्रदाय विशेष द्वारा विश्व की हत्या के बाद रविवार देर रात्रि से ही अधिकारियों निगाहों में डेरा जमाए हुए हैं। जहां देर रात आईजी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं, रविवार सुबह से ही अधिकारियों की उपस्थिति के चलते गांव में कर्फ्यू जैसा माहौल नजर आया,

लेकिन इसके बाद भी अंतिम यात्रा में शामिल उपद्रवियों ने गांव में रहने वाले समुदाय विशेष के व्यापारिक व धार्मिक प्रतिष्ठानों के साथ घरों और खेतों को भी अपना निशाना बनाया और अंतिम यात्रा के दौरान जमकर उपद्रव किया, लेकिन पुलिस और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। जिसके चलते कई बड़े हादसे हुए। पलड़ा गांव अधिकारियों की कदमों की गूंज से दहल उठा और ग्रामीण अपने घरों में दुबके रहे।
उपद्रव के बाद पलायन करते नजर आए लोग
रविवार देर शाम थाना क्षेत्र के गांव पलड़ा में हुए ऐलानिया हत्या के बात सोमवार सुबह से ही पलड़ा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। अधिकारियों की उपस्थिति के बाद भी लोगों में दहशत कम होती नजर नहीं आ रही थी। सोमवार दोपहर पलड़ा से समुदाय विशेष के लोगों ने पलायन शुरू कर दिया।
हमारे घरों में क्यों की तोड़फोड़?
अंतिम यात्रा के दौरान उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ में जहां लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद लोगों का मात्र बस इतना ही कहना है कि हमारा क्या कसूर था? जो हमारे घरों में तोड़फोड़ के साथ जमकर बवाल किया गया। घटनास्थल के सामने स्थित समुदाय विशेष के घर में उपस्थित महिला ने रोते हुए बताया कि उपद्रवियों ने उनके घर में जमकर बवाल किया। महिलाओं और बच्चों के साथ छींटाकशी करने से लेकर घर में खड़ी गाड़ी और आंगन में तोड़फोड़ की और विद्युत उपकरणों को भी तहस-नहस कर दिया।
थाना पुलिस की घोर लापरवाही
पलड़ा गांव में दो समुदाय के बीच लगभग एक माह पूर्व होली के समय से ही विवाद चल रहा है। पिछले एक महीने की घटनाओं पर नजर डाली जाए तो पलड़ा गांव में मार्च के महीने में ही दो बार बड़े विवाद हुए हैं। जिसमें दर्जनों लोग घायल भी हुए थे। आठ मार्च को होली के दिन भी रास्ते में बुग्गी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसके बाद 29 मार्च को एक बार फिर दोनों पक्षों में टकराव हो गया था।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा विशु को अपनी जान देकर गंवाना पड़ा। पीड़ित परिवार हस्तिनापुर थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें सस्पेंड करने की पुरजोर मांग उठाई थी। विशु की मौत से परिजनों में हाहाकार मचा हुआ है।
पलड़ा में तनावपूर्ण शांति, गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन
हस्तिनापुर के पलड़ा गांव में विशु की हत्या के बाद तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। भारी पुलिस फोर्स के बीच अंतिम संस्कार करने जा रहे लोगों में से उपद्रवियों ने जिस तरह से विशेष समुदाय के लोगों के घरों में आगजनी कर तोड़फोड़ की है उससे पुलिस अलर्ट हो गई है। एसएसपी से लेकर चौकी इंचार्ज तक पलड़ा में डेरा डाले हुए हैं। सांप्रदायिक तनाव कम होने के बजाय बढ़ने से अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है और लखनऊ से लगातार अपडेट ली जा रही हैॅ।
पलड़ा में विशु हत्याकांड में नामजद छह लोगों में प्रधान सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूर्व ग्राम प्रधान पलड़ा गजेंद्र सिंह के अलावा अनस, अशफाक, शहानजीम, अकरम, अजीबुद्दीन, कैफ के खिलाफ नामजद मुकदमा किया गया है। इसके अलावा तीन अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आगजनी और तोड़फोड़ के बाद प्रधान गजेंद्र सहित तीन अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव में मीडिया के प्रवेश पर लगा अंकुश
पलड़ा गांव में अंतिम संस्कार के दौरान हुए सांप्रदायिक बवाल के कारण पुलिस ने मीडिया कर्मियों के गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया और उनको गांव के अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे कई बार मीडियाकर्मियों की नोंकझोंक भी हुई। दरअसल पुलिस गांव के अंदर माहौल बनाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन जिस तरह से पीड़ित पक्ष की तरफ से बवाल किया गया उसकी कवरेज को गए मीडियाकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि पुलिस द्वारा पेट्रोलिंग की जा रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिये पांच टीमें लगाई गई हैं। आरोपियों के हर संभव ठिकानों पर दबिशे दी जा रही है। युवक का अंतिम संस्कार हो चुका है। गांव में छह थानों के अलावा अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। पल पल पर नजर रखी जा रही है। एसपी देहात कमलेश बहादुर और सीओ मवाना आशीष शर्मा गांव के अंदर हैं।
गिरफ्तारी के विरोध में एसएसपी से मिले
हिंदू जागरण मंच संयोजक ललित गुप्ता के नेतृत्व में काफी लोग एसएसपी से उनके आवास पर मिले और कहा कि मंच की जिला कार्यकारिणी का सदस्य गौरव गुज्जर को बिना बताए एसओजी और पुलिस की टीम द्वारा उठा कर ले गई है। जिसका पलड़ा कांड से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। पदाधिकारियों ने कहा कि हमारी टीम द्वारा पुलिस प्रशासन की कल की मदद की गई थी और आज भी मदद की गई।
उसके बावजूद भी कार्यकर्ता को पुलिस उठा लाई। हिंदू जागरण मंच इस कार्रवाई को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि जांच करने के बाद गौरव को छोड़ दिया जाएगा। एसएसपी आवास के बाहर प्रदर्शन करने वालों में प्रांत के संपर्क प्रमुख भारत भूषण् जिला अध्यक्ष रजनीश, सह संयोजक महानगर प्रदीप कौशिक, अभिषेक चौहान, कमल खटीक सुधांशु महाराज, क्षेत्रीय संगठन मंत्री हितेश बंसल आदि मौजूद थे।

