- कोर्ट ने वेतन से पांच हजार रुपये काट कर आरोपी को देने को कहा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या 15 मेरठ हर्ष अग्रवाल ने एक मामले में न्यायालय में गवाही न देने पर सहायक पुलिस आयुक्त कानपुर दिनेश शुक्ला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं। सरकारी वकील मुकेश कुमार मित्तल ने बताया कि दहेज हत्या से संबंधित एक मुकदमा सरकार बनाम फारुख न्यायालय में विचाराधीन है।
जिसमें वादी मुकदमा मोहम्मद आकिल ने 19 जून 2017 को थाना लिसाड़ी गेट मेरठ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी छोटी बहन सबीला की शादी फारुख पुत्र यूनुस निवासी जाकिर कॉलोनी के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर काफी दान दहेज देकर शादी की थी और शादी के बाद से उसकी लड़की को लगातार प्रताड़ित कर उससे अंकन दो लाख रुपये और एक गाड़ी की मांग करते थे।
दहेज की मांग पूरी न होने पर उन्होंने वादी की बहन को गला घोट कर मार दिया था। जिस मामले में सहायक पुलिस आयुक्त दिनेश शुक्ला के साक्ष्य के लिए न्यायालय में पत्रावली काफी समय से विचाराधीन चल रही है। परंतु सहायक पुलिस आयुक्त अपने बयान दर्ज कराने न्यायालय नहीं आ रहे हैं। जिस वजह से पत्रावली का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। परंतु इसके बावजूद सहायक पुलिस आयुक्त दिनेश शुक्ला अपना बयान दर्ज कराने नहीं आ रहे हैं।

जिसके बाद न्यायालय ने कानपुर मंडल के कमिश्नर को आदेशित किया है। कि वह 8 मई 2023 को सहायक पुलिस आयुक्त दिनेश शुक्ला को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करें साथ ही उनके वेतन से अंकन पांच हजार रुपये की कटौती कर अभियुक्तगण को दिलाए जाने के आदेश पारित किए हैं।
अतीक ने 77 सेकंड बात की थी जीजा अखलाक से
मेरठ: प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में साबरमती जेल में बंद रहे अतीक अहमद ने फूलबाग कालोनी में रहने वाले डा. अखलाक से घटना वाले दिन 77 सैंकेंड बात की थी। वहीं पैसों के बारे में बात भी हुई थी। पुलिस को जानकारी मिली है कि अखलाक के घर आया बमबाज गुड्डू मुस्लिम भी इसी फोन के बाद घर आया था।
एसटीएफ को इस बात की जानकारी मिली है कि साबरमती जेल से अतीक अहमद अपने बहनोई अखलाक से रेगुलर बात करता था। जब इसकी कॉल डिटेल निकलवाई तो पता लगा कि अतीक की उमेश पाल हत्याकांड के दिन 77 सैंकेंड बात की थी। तीन और चार मार्च को पेटीएम से मेरठ से कुछ रकम गुजरात में एक व्यक्ति को भेजी गई जो अतीक का केयर टेकर बताया जा रहा है।
एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि अतीक का अपने बहनोई अखलाक, बहन आयशा नूरी और बेटी के साथ रेगुलर बात करता था। बताया जाता है कि डा. अखलाक ने काफी बड़ी रकम लगभग डेढ़ लाख रुपये गुड्डू बमबाज को दिये थे। एसटीएफ इस आधार पर अखलाक की पत्नी और बेटी पर शिकंजा कसती जा रही है।
एसटीएफ बताकर किया अपहरण, मांगी रंगदारी
मेरठ: लिसाड़ीगेट के फातिमा गार्डन निवासी 30 वर्षीय गुलफाम रविवार रात को कार सवार युवक खुद को एसटीएफ बताकर अपहरण कर लोनी ले गए। आरोपियों ने परिजनों ने कॉल कर तीन लाख रुपये की रंगदरी मांगी है। सोमवार को थाने पहुंचकर परिजनों ने अपहरण का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। थाने में आरोपियों के खिलाफ अपहरण व रंगदारी का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने टीम गुलफाम की बरामदगी को लेकर लोनी गाजियाबाद रवाना हो गई है। फातिमा गार्डन निवासी इकरा ने बताया कि रविवार शाम को भूमिया पुल के पास कार बदमाश खुद को पुलिस कर्मी बताकर पति का अपहरण कर ले गए। आरोपियों ने काल कर तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी है। रुपये नहीं देने पर गुलफाम हत्या कर देंगे। रुपये लेकर लोनी हनुमान मंदिर पर बुलाया है।
पीड़िता ने ससुराल फोन कर अपहरण की जानकारी दी। सोमवार थाने पहुंचकर प्रधान और परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी। पीड़िता इकरा की तहरीर पर अपहरण का केस दर्ज कर लिया है। सीओ कोतवाली ने बताया कि टीम ने गुलफाम को सकुशल बरामद कर लिया है। लेनदेन का विवाद सामने आया है। अपहरण का केस दर्ज किया गया है।

