Thursday, April 30, 2026
- Advertisement -

पैदल चलना देता है स्वास्थ्य लाभ

Sehat 5


व्यायाम का नाम सुनते ही हर व्यक्ति के दिमाग में आता है कि व्यायाम करने के लिए उसे जिम ज्वाइन करना पड़ेगा, वेट लिफ्ंिटग करनी पड़ेगी और न जाने क्या-क्या कठिन श्रम करने पड़ सकते हैं। व्यायाम को इतनी गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं एक साधारण सा व्यायाम जिसे करने में आपको कोई कठिनाई नहीं होगी और उससे पहुंचने वाले लाभ भी अनगिनत होंगे।
यह साधारण सा व्यायाम है पैदल चलना। इसे करते वक्त आपको आनन्द आएगा और आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे।

पैदल चलने से आप अपने अन्दर बहुत से शारीरिक व मानसिक सुधार महसूस करेंगे और आपके स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचेगा। आइए जानें पैदल चलने से आपको क्या लाभ होंगे।

हड्डियों की क्षमता बढ़ाने में सहायक

अगर आप पैदल चलते हैं तो आपको आस्टिओपोरोसिस रोग होने की संभावना कम होती है। हड्डियों की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितनी एक्सरसाइज करते हैं और क्या आहार ग्रहण करते हैं। पैदल चलने से हड्डियों की क्षमता बढ़ती है। आस्टिओपोरोसिस बढ़ती उम्र में होता है। इस रोग में हडिड्यां इतनी मृदु हो जाती हैं कि फ्रेक्चर होना एक आम बात है।

एक शोध में यह पाया गया कि जो महिलाएं आस्टिओपोरोसिस की शिकार थीं उन्हें जब अधिक मात्रा में कैल्शियम का सेवन करवाया गया और सप्ताह में तीन दिन 1 घंटा प्रतिदिन सैर करवाई गयी और 2 वर्ष के पश्चात् जब उनकी हड्डियों के घनत्व की जांच की गई तो उसमें 6 प्रतिशत वृद्धि पाई गई।

वजन घटाने का सबसे कारगर उपाय

स्लिम दिखने की ख्वाहिश में लोग अपना वजन नियंत्रित करने के लिए क्या-क्या नहीं करते। कभी डायटिंग तो कभी जिम ज्वाइन करना। यही नहीं, अधिक वजन कई रोगों को भी आमंत्रण देता है इसलिए वजन नियंत्रण बहुत आवश्यक है। 25 वर्ष की आयु के पश्चात चयापचय क्रि या की दर भी कम हो जाती है। वजन नियंत्रण के लिए कैलोरी नियंत्रण के साथ-साथ सबसे कारगर उपाय है पैदल चलना। पैदल चलने से व्यक्ति फिटनेस पा सकता है।

जोड़ों के दर्द से राहत

अगर मासंपेशियों व जोड़ों से नियमित काम न लिया जाए तो उनमें अकड़न आ जाती है जिससे जोड़ों में दर्द आदि भी हो सकता है। इन सब से बचे रहने के लिए पैदल चलना बहुत ही लाभकारी है क्योंकि इससे शरीर का लचीलापन बना रहता है। जोड़ों और मांसपेशियों के लिए दौड़ना और एरोबिक्स उतना फायदेमंद नहीं है जितना पैदल चलना।

आकर्षक दिखने में सहायक

उम्र बढ़ने के साथ-साथ मांसपेशियां कमजोर होती हैं व उन पर से चर्बी भी कम होती है पर पैदल चलने से आपकी मांसपेशियों की टोनिंग होती है और वे मजबूत बनती हैं, खासकर मुख्य मांसपेशियां जैसे कंधे, टांगें, जांघों, पीठ व बाजुओं की। इससे रक्त संचार में भी सुधार आता है जिससे टिश्यू लचीले बनते हैं। यह तो सही है कि आप उस तरह की फिगर नहीं पा पाते जैसे कि टीनएज में आपकी थी पर फिर भी बढ़ती उम्र में आप पैदल चल करे फिट, ट्रिम व स्वस्थ शरीर पा सकते हैं। पैदल चलने से आपका मस्तिष्क सही कार्य करता है।

बहुत से कलाकारों व मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि पैदल चलना उन्हें सही व रचनात्मक सोच देता है। एक शोध में यह पाया गया कि जो व्यक्ति सप्ताह में कम से कम तीन बार एक घंटा पैदल चलते हैं उनकी याद रखने की क्षमता उन व्यक्तियों से ज्यादा अच्छी थी जो कोई भी व्यायाम नहीं करते। इसका कारण विशेषज्ञों के अनुसार आक्सीजन और रक्त के संचार में वृद्धि और मस्तिष्क में कुछ परिवर्तनों का होना है जो पैदल चलने के फलस्वरूप हुए।

आपके हृदय तंत्र के लिए अच्छा है पैदल चलना। पैदल चलने से आपका हृदय अपना कार्य अधिक क्षमता से करता है। हृदय अगर मजबूत है तो आपका शरीर स्वस्थ है इसलिए अपने हृदय के स्वास्थ्य के लिए पैदल चलिए।

तनाव दूर करता है

आज व्यक्ति की दिनचर्या इतनी तनावपूर्ण बन गई है कि वह हर समय तनावग्रस्त महसूस करता है। इस तनाव का प्रभाव व्यक्ति के नर्वस सिस्टम पर पड़ता है। हृदय गति का बढ?ा, रक्तचाप में वृद्धि आदि इसी तनाव के परिणाम हैं। इस तनाव से निपटने में भी सबसे आसान व्यायाम है पैदल चलना। इससे आपका तन ही नहीं, मन भी स्वस्थ रहता है। अगर मन स्वस्थ महसूस करता है तो आप तनाव से छुटकारा पाएंगे। इसलिए शान्त वातावरण में पैदल चलिए और शान्त मन से प्रकृति का आनन्द लीजिए।

                                                                                                                   सोनी मल्होत्रा


janwani address 8

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

किसानों के लिए वरदान हैं बैंगन की टॉप 5 किस्में

किसानों के लिए बैंगन की खेती में बेहतर उत्पादन...

धान उगाने की एरोबिक विधि

डॉ.शालिनी गुप्ता, डॉ.आर.एस.सेंगर एरोबिक धान उगाने की एक पद्धति है,...

बढ़ती मांग से चीकू की खेती बनी फायदेमंद

चीकू एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ...

झालमुड़ी कथा की व्यथा और जनता

झालमुड़ी और जनता का नाता पुराना है। एक तरफ...

तस्वीरों में दुनिया देखने वाले रघु रॉय

भारतीय फोटो पत्रकारिता के इतिहास में कुछ नाम ऐसे...
spot_imgspot_img