Monday, March 30, 2026
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खतरा: घातक साबित हो रहा लगातार बढ़ता प्रदूषण

  • शहर में 373 पर पहुंच गया वायु प्रदूषण

जनवाणी ब्यूरो |

मेरठ: लगातार बढ़ता प्रदूषण कोरोना महामारी में घातक साबित हो रहा है। वैश्विक कोरोना महामारी का पहले ही जनता दंश झेल रही है। अब वायु प्रदूषण ने भी लोगों को परेशानी में डाल दिया है। जिस तरह महानगर का वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। उससे साफ जाहिर हो रहा है कि आने वाले दिनों में यहां सांस लेना भी दुभर हो जाएगा।

जनपद के विभिन्न विभागों का दायित्व बनता है कि वह इस वायु प्रदूषण से निपटने के लिए आगे आकर काम करे, लेकिन प्रदूषण विभाग के अलावा कोई भी विभाग इस कदम की ओर आगे बढ़ता हुआ दिखाई नही दे रहा है। अगर यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में सांस लेना तो दुभर हो जाएगा साथ ही साथ बीमारी भी बढ़ जाएगी।

शहर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे इस स्तर के कारण अब लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। क्रांतिधरा का प्रदूषण स्तर सोमवार को 373 रहा। जबकि प्रदूषण विभाग द्वारा शहर में तीन स्थानों पर लगाए गए एक्यूमेंट सिस्टम के आंकड़ों पर निगाह डाली जाए तो उससे पता चलता है कि यहां प्रदूषण की स्थिति बेहद खतरनाक हो रही है।

पल्लवपुरम में 404, गंगानगर में 328 और जयभीम नगर में 388 प्रदूषण का स्तर बना हुआ है। जिसके चलते लोगों को अब परेशानी होने लगी है। अब वायु प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण विभाग के अलावा नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, फायर ब्रिगेड के विभागों को भी आगे आकर इस अभियान में साथ खड़ा होना होगा। तब जाकर यह प्रदूषण के स्तर को रोका जा सकता है।

आसपास के जनपदों की स्थिति भी वायु प्रदूषण में बद से बदतर हो रही है। जिनका वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर का वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर बेहद परेशानी होती दिखाई दे रही है।

वायु प्रदूषण का बढ़ना मौसम का भी एक कारण है। जब तक बारिश नही होगी। तब तक प्रदूषण के स्तर में कमी इसलिए नहीं आएगी, क्योंकि इस समय डस्ट पार्टिकल वातावरण में खुलने के कारण उच्च स्थान पर है। बारिश होने पर ये डस्ट पार्टिकल साफ हो जाएंगे। जिसके बाद वायु प्रदूषण के स्तर में कमी आ जाएगी। इसके अलावा विभाग द्वारा प्रदूषण की रोकथाम के लिए जो भी कदम उठाए जाने चाहिए। वह जनपद में कदम उठाए जा रहे है और लगातार औद्योगिक इकाइयों एवं कोल्हूओं का भी निरीक्षण किया जा रहा है। जिससे प्रदूषण के स्तर को रोका जा सके।

जिन स्थानों पर कूड़ा-करकट फैला हुआ है। वहां सफाई का कार्य कराया जा रहा है। धूल न उड़े। इसके लिए पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। महानगर में बढ़ते प्रदूषण को स्तर को देखते हुए बेहद सावधानी बरती जा रही है। जिसके च लते लगातार इस और कार्रवाई की जा रही है।                                                -सत्येंद्र कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट एवं नोडल अधिकारी

ऐसे बरते सावधानी

  • वायु प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा रोगियों को परेशानी होती है। वह सावधानी बरते।
  • वायु प्रदूषण से लंग्स में इंफे क्शन हो जाता है। इसलिए घर से मास्क पहनकर ही निकले
  • वायु प्रदूषण से आंखों में जलन होती है। इसलिए चश्मे का प्रयोग करे।
  • चर्म रोगियों को सबसे अधिक दिक्कत वायु प्रदूषण से होती है। ऐसे में यह रोगी पूरी तरह से कपड़ों से ढक कर ही बाहर निकले।
  • बढ़ते वायु प्रदूषण में गर्म पानी का सेवन करे।
  • अपने घरों की खिड़की और दरवाजों को कपड़ों से ढककर रखे।

अन्य शहरों का वायु प्रदूषण

  • नोएडा 465
  • गाजियाबाद 480
  • मुजफ्फरनगर 348
  • बागपत 410
  • ग्रेटर नोएडा 417
  • बुलंदशहर 398

जनपद में वायु प्रदूषण

  • गंगानगर 328
  • जयभीम नगर 388
  • पल्लवपुरम 404
  • कैंट एरिया 380
  • बेगमपुल 390
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