Thursday, April 2, 2026
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शहर में धड़ल्ले से चल रहा नशे का कारोबार

  • कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करती है पुलिस

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: वेस्ट यूपी के लिए ड्रग्स माफिया तस्लीम फिलहाल जेल की सींखचों के पीछे है। लेकिन बावजूद इसके उसके बेटों ने नशे के इस धंधे की बागडोर अपने हाथों में ली हुई है। वहीं टीपी नगर और ब्रहमपुरी के माधवपुरम में भी नशे का यह कारोबार बिना रोक टोक के फलफूल रहा है। यदा कदा थानों की पुलिस नाममात्र की खानापूर्ति के लिए एक दो युवकों पर चरस गांजा दिखाकर उन्हें जेल भेजकर अपना गुडवर्क दिखाने में कोई संकोच नहीं करती। यही वजह कि नशे के इस कारोबार ने शहर में धड़ल्ले से अपने पैर पसारे हैं।

शहर कैंट में सदर थाना क्षेत्र और रेलवे रोड में मेहताब और मछेरान एक ऐसा क्षेत्र है जिसे नशे के कारोबार की मंडी कहा जाता है। मछेरान निवासी ड्रग माफिया इन्टरनेशनल सौदागर तस्लीम को पुलिस ने वर्ष 2021 में गिरफ्तार कर जेल के पीछे पहुंचा दिया था। लेकिन उसके बाद भी मछेरान और मेहताब क्षेत्र में स्मैक, चरस, भांग का कारोबार आज भी अपने चरम पर है। सूत्रों की मानें तो तस्लीम के बेटों ने पिता के जेल जाने के बाद इस धंधे को अपने हाथों में ले लिया था। नशे के अवैध कारोबार की बागडोर अब तस्लीम के बेटों शाबाज, शादाब, सूफियान के हाथों में है।

तीनों ही नशे के इस कारोबार को शहर ही नहीं अपितु गैर जिलों में भी संचालित किये हैं। बताया जाता है कि तस्लीम का यह कारोबार इन्टरनेशल स्तर पर है। हालांकि ड्रग्स के इस धंधे की जड़े टीपी नगर क्षेत्र और ब्रहमपुरी माधवपुरम से लेकर लिसाड़ी गेट तक फैली हैं। बड़े पैमाने पर शहर के इन क्षेत्रों से स्मैक गांजा, चरस की सप्लाई हो रही है। लेकिन नशे के सौदागरों पर कार्रवाई करने के बजाय थाना पुलिस इनके लिए संरक्षित बनी है।

यदा कदा ब्रहमुपरी पुलिस, लिसाड़ी गेट पुलिस, सदर थाना पुलिस और रेलवे रोड पुलिस नाममात्र की कार्रवाई दिखाकर अपना रिकार्ड दुरुस्त कर लेती है। लेकिन हकीकत इससे इतर है। खुलेआम आज भी इन क्षेत्रों में नशे का सामान ड्रग्स का पाउडर घरों से महिलाएं और बच्चे गलियों में बेचते नजर आयेंगे। गत दिनों भूसा मंडी का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें सौ रुपये की नशे की पुड़िया बेची जा रही थी। रेलवे रोड पुलिस ने मछेरान में गत दिनों एक कूलर की दुकान में भी करोड़ रुपये की स्मैक पकड़ी थी।

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लेकिन पुलिस ने सांठगांठ करके आरोपी चांद पर भांग बरामद कर जेल भेज दिया था। जबकि लोगों के बीच भारी मात्रा में पुलिस ने स्मैक बरामद की थी। लिसाड़ी गेट इत्तेफाक नगर निवासी महिला अफसाना पत्नी युनूस ने भी पुलिस आॅफिस पर एसएसपी से शिकायत कर क्षेत्र में चरस स्मैक का धंधा करने का आरोप माफिया साबिर के बेटे अल्लू, लाल, परवेज उर्फ पीला पर लगाया था। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

यहां सप्लाई होता है नशे का सामान

ड्रग माफियाओं के गुर्गे वेस्ट एंड रोड पर स्थित स्कूलों के बाहर स्कूली बच्चों को नशे की पुड़ियां सप्लाई करने पहुंच जाते हैं। बताते हैं एक पुड़िया की कीमत दो हजार रुपये होती है। सप्लाई करने वाले स्कूटी व बाइकों से स्कूल के बाहर जाते हैं और छात्रों को नशे का सामान सौंपकर नौ दो ग्यारह हो जाते हैं।

सुभारती के बाहर भी बेचा जाता है नशे का सामान

नशे के सौदागर अपने गुर्गों से सुभारती के बाहर भी नशे की पुड़ियों की सप्लाई करवाते हैं। लिसाड़ी गेट से लेकर माधवपुरम और टीपीनगर व सदर क्षेत्र में नशे का कारोबार चरम पर है।

ये हैं ड्रग तस्कर

सलाउद्दीन, सत्येन्द्र, राजू चौहान, रमेश चन्द्र आदि। इसके अलावा कई माफिया ऐसे भी हैं जो चोरी छिपे गुपचुप तरीके से नशे के धंधे को संचालित किये हैं। जिनमें माधवपुरम में कई ऐसे लोग है। जो भूमिगत होकर इस अवेध कारोबार से जुड़े हैं।

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