- डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने सीएचसी टीम को लेकर मारा छापा नहीं मिला रजिस्ट्रेशन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/मवाना: नगर में बढ़ते कोरोना वैश्विक महामारी को लेकर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट मोड़ पर है, लेकिन नगर में स्थित कई झोलाछाप चिकित्सक चोरी छिपे मोटी रकम वसूलकर कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार करने में जुटे है। ऐसा ही एक मामले का पर्दाफाश उस समय हो गया जब मवाना खुर्द निवासी सेंसरपाल पुत्र रूपराम चार दिन पहले बुखार, खांसी की शिकायत लेकर फलावदा रोड स्थित डा. अजमल कुरैशी पॉली क्लीनिक पर पहुंचा।
चिकित्सक डा. अजमल कुरैशी ने सेंसरपाल का बिना कोरोना टेस्ट कराए उसका उपचार शुरू कर दिया, लेकिन लगातार तीन दिन से चल रहे उपचार के बाद सेंसरपाल को सांस लेने में परेशानी शुरू हो गई तो परिवार के सदस्यों के हाथ-पैर फूल गये और आनन-फानन मेडिकल में भर्ती करा दिया। मेडिकल में भर्ती कराने के बाद चिकित्सकों ने कोरोना की जांच की तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
कोरोना पॉजिटिव होने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया, लेकिन सोमवार को तबीयत बिगड़ने पर उपचार दौरान किसान सेंसरपाल ने दम तोड़ दिया। मृतक परिजनों द्वारा शिकायत करने के बाद डीएम के. बालाजी ने एसडीएम कमलेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर झोलाछाप चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिये।
मंगलवार शाम एसडीएम ने तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में सीएचसी प्रभारी डा. सतीश भास्कर, डा. देवकुमार आदि के साथ पुलिस टीम को लेकर झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक पर छापेमारी की और कागजात मांगे। झोलाछाप चिकित्सक डा. अजमल कुरैशी पॉली क्लीनिक संचालक द्वारा कोई भी सीएमओ द्वारा रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने व फर्जी डिग्री के आधार पर क्लीनिक चलाने वाले चिकित्सक डा. अनस कुरैशी, डा. असद कुरैशी के विरुद्ध अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने के आरोप में सीएचसी प्रभारी डा. सतीश भास्कर ने संबंधित धाराओं में मवाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहसीलदार अजय कुमार उपाध्याय का कहना है कि क्लीनिक को सील कर जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

