Friday, March 27, 2026
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अवैध कब्जों और निर्माणों पर कार्रवाई से भाग रहा कैंट बोर्ड

  • पूरे कैंट क्षेत्र में इन दिनों आयी सदस्यों और स्टाफ की मिलीभगत से अवैध निर्माणों की बाढ़

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: रक्षा मंत्रालय की भूमि पर कब्जे व अवैध निर्माणों पर बजाय कार्रवाई के कैंट बोर्ड के अफसर कन्नी काट रहे हैं। पूरे कैंट क्षेत्र में इन दिनों अवैध निर्माण की बाढ़ आयी हुई है। बोर्ड के कुछ सदस्यों व स्टाफ जिनकी ऐसे अवैध निर्माणों को रोकने व रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी है, की मिलीभगत के चलते जमकर अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, लेकिन जब कार्रवाई की बात आती है तो कैंट प्रशासन कन्नी काटकर भागता नजर आता है।

अवैध निर्माण के नाम पर इन दिनों कैंट बोर्ड में सेटिंग-गेटिंग का खुला खेल चल रहा है। किसी भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई का न किया जाना। इतना ही नहीं कार्रवाई के बजाए अवैध निर्माण के मामले उजागर होने के बाद उनको मैनेज करने के लिए लीपापोती किए जाने की परंपरा कैंट अफसरोें ने शुरू कर दी है।

जिसकी वजह से किसी भी बडे अवैध निर्माण के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। वेस्ट एंड रोड स्थित ऐतिहासिक महत्व के बंगले मुस्तफा महल में इन दिनों ग्रांड कैसल व्यू के नाम से विवाह मंडप बनाकर तैयार कर दिया गया है। आरोप है कि जो कार्यक्रम इस विवाह मंडप में किए जा रहे हैं।

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उनमें से कुछ में बगैर लाइसेंस के ही शराब परोसी जा रही है। पुलिस प्रशासन तथा आबकारी विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कैंट बोर्ड के अफसरों का ध्यान न दिए जाने के पीछे के कारण तो समझ में आते हैं, लेकिन थाना सदर बाजार पुलिस व आबकारी विभाग अवैध रूप से शराब परोसे जाने का कार्रवाई न किया जाना वाकई हैरानी भरा है। शराब ही नहीं परोसी जाती है, बल्कि जो शराब परोसी जा रही है वो भी यूपी के बजाय बाहरी राज्यों की प्रतिबंधित बतायी गयी है।

इनकी भूमिका पर सवाल

इस मामले में कैंट के जिन अफसरों पर ऐसे अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी है। दरअसल, वो अफसर ही अवैध निर्माण का जरिया बन रहे हैं। इन दिनों कैंट बोर्ड के कुछ सदस्यों व अफसरों की मिलीभगत के चलते ऐसे अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहे हैं। सेटिंग का जरिया कुछ सदस्य या सदस्य पति बन रहे हैं।

कब लेंगे ब्रिगेडियर और सीईओ संज्ञान

सबसे बड़ा सवाल तो यही कि ब्रिगेडियर जो कैंट बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं तथा सीईओ कैंट जिनकी जिम्मेदारी अवैध निर्माण कराने में लिप्त अफसरों के पेंच कसने की है वो ऐसे मामलों का संज्ञान कर लेंगे। जिस प्रकार से ताबड़तोड़ अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, उसके बाद भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पूछा जा रहा है कि किसके दबाव में कार्रवाई के बजाय टाल मटोल की जा रही है।

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