- इस माह आठ वॉल्वो बसों के सहारे ही चलेगी यातायात व्यवस्था
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सिटी बस में यात्रा कर रहे यात्रियों को नई बसों में सफर करने का अवसर नए साल में ही मिल पाएगा। क्योंकि अभी शासन से नई बसों को मिलने की संभावनाए न के बराबर ही है। इसी वजह से पहले से संचालित वॉल्वो बसों में ही यात्रियों को सफर करना होगा।
दरअसल कोरोना संक्रमण के वजह से मेरठ को मिलने वाली नई बी-6 की बसोें की प्रक्रिया बीच में ही अटक गई है। पहले यह बसे वित्तीय वर्ष अप्रैल माह में आने की संभावनाएं थी। जिसमें मेरठ को मेरठ को 150 नई बसें मिलनी थी। उनमें से कुछ बस सीएनजी एवं कुछ इलेक्ट्रॉनिक की शामिल थी। मगर कोरोना के कारण मेरठ को ये बसें नहीं मिल पाई।
आठ बसों के सहारे शहर की यातायात व्यवस्था
जनपद की बात की जाए तो वर्ममान में सिटी के लिए मात्र आठ वॉल्वो बस ही रोडवेज की तरफ से संचालित की जा रही है। क्योंकि इससे पूर्व जो 119 सिटी बस मेरठ मे चलती थी। वह सभी निर्धारित अवधि को पूरी कर चुकी हैं। इसी वजह से उनके संचालन पर सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेश के बाद रोक लगा दी है। जिससे वह प्रदूषण न फैलाएं।
नए रोडवेज बस स्टैंड से ही संचालित होगी
शासन द्वारा रोडवेज को जो सिटी के लिए नई बी-6 बस उपलब्ध करायी जाएगी। उनका संचालन लोहिया नगर में प्रस्तावित नए रोडवेज बस स्टैंड से ही होगा। क्योंकि वहां पर इलेक्ट्रॉनिक बसों के लिए चार्जिंग स्टैंड भी बनाया जाएगा। इसलिए जल्द ही वहां पर बस स्टैंड बनाने की व्यवस्था की जा रही हैं।
किठौर, सरधाना, मवाना, मोदीनगर के लिए रोडवेज की सिटी बसों का संचालन किया जाता है। पहले सिटी यातायात की व्यवस्था 119 सिटी रोडवेज बस के सहारे चल रही थी, लेकिन एनजीटी के आदेश के अनुपालन में बसों की संख्या 119 से आठ वॉल्वो ही सीमित हो गई हैं। सीमित बस होेने के कारण यात्रियों को भी दिक्क्त का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि अब उन्हे बस का इंतजार करना पड़ता हैं।
सोहराब गेट एआरएम अनिल अग्रवाल ने कहा कि संभावनाएं है कि नए साल में नई सिटी रोडवेज की बस शासन द्वारा उपलब्ध करा दी जाएं। क्योंकि प्रक्रिया चल रही है। कोविड-19 के कारण ही थोड़ी देरी हो गई है।

