- कांग्रेस वेट एंड वॉच की स्थिति में, भाजपा के साथ सपा और बसपा में भी बढ़ी बेचैनी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लोकसभा चुनावों के लिए सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। इंडिया गठबंधन से लेकर एनडीए तक में उम्मीदवारों के नामों को लेकर कशमकश जारी है। जहां कांग्रेस मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर अभी वेट एण्ड वॉच की स्थिति में है, वहीं भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी में भी कशमकश की स्थिति है। दरअसल, इंडिया गठबंधन में अभी तक मेरठ सीट को लेकर रस्साकशी का दौर चल रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार सपा व कांग्रेस के बीच इस सीट को लेकर जहां कल तक बातचीत की सुगबुगाहट थी वहीं अब पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुसार कांग्रेस ने मेरठ सीट पर चुप्पी साध ली है। इससे इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर अब समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है। हालांकि कुछ कांग्रेसी यह भी दावा कर रहे हैं कि अभी हम ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं। कुछ भी संभव है। बताया जाता है कि फिलहाल सपा व कांग्रेस हाईकमान जातिगत समीकरणों की उलझनें सुलझाने में व्यस्त हैं।

वैसे बताया जाता है कि मेरठ से चुनाव लड़ने के इच्छुक कुछ कांग्रेसी प्रदेश हाईकमान के तो कुछ सीधे केन्द्रीय हाईकमान के सम्पर्क में हैं। उधर बसपा अभी भी अपने स्टैंड पर कायम है। उसने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। उसके प्रत्याशी के नाम पर भी सभी की नजरें हैं। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर हालांकि अभी बसपा ने अपने प्रत्याशी के नाम पर चर्चा नहीं की है,
लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं खबरों में किठौर के एक मुस्लिम नेता का नाम चर्चाओं में है। उधर, भाजपा में सांसद राजेन्द्र अग्रवाल के अलावा कई अन्य नाम अपनी दावेदारी विभिन्न दलीलों के आधार पर पेश कर रहे हैं। चर्चाओं का यह दौर राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारियों तक ही सीमित नहीं है बल्कि आम पार्टी कार्यकर्ता तक प्रत्याशियों के नाम चयन की चर्चाओं में व्यस्त है।
सपा का टिकट पाने में दिग्गजों को मिली नाकामी
भाजपा की लिस्ट जारी होने के बाद अब समाजवादी पार्टी में भी टिकट की सूची को अंतिम रूप लगभग मिल चुका है तथा दो-तीन दिन में यह लिस्ट जारी हो सकती है। सपा का मेरठ लोकसभा सीट पाने में दिग्गजों को नाकामी हाथ लगी है। सपा सुप्रीमो ने इस बार धरातल पर रहकर जनता के बीच अपनी पहचान बनाये रखने वालों को ही टिकट देने का निर्णय लिया है। भाजपा ने शनिवार की शाम को लोकसभा चुनाव के लिए अपनी लिस्ट जारी कर दी है। मेरठ सीट पर अभी सस्पेंस रखा गया है। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि इस बार राजेन्द्र अग्रवाल को रिपीट करना मुश्किल है।

वैसे कतार में लंबी सूची है। कांग्रेस ने भी मेरठ सीट पर अपनी दावेदारी करने के लिए जोर आजमाइश करना शुरू कर दिया है। जबकि समाजवादी पार्टी में भी प्रत्याशियों के चयन को लेकर अब फैसला अंतिम चरण में पहुंच चुका है। पिछले दिनों नगर निगम बोर्ड की बैठक में जिस तरह से भाजपा के मंत्री और विधायकों ने सपा पार्षद कीर्ति घोपला के साथ मारपीट की थी तथा इस मामले को बाद में मैनेज कर लिया गया था। लेकिन इसी मामले में समाजवादी पार्टी के किन-किन नेताओं ने क्या-क्या भूमिका निभाई तथा उन्होंने पार्षद की पिटाई के मुद्दे
तथा उसको इंसाफ दिलाने के लिए किस स्तर तक प्रयास किया। इसका आंकलन भी सपा सुप्रीमो को मिली रिपोर्ट में हुआ है। वैसे टिकट की कतार में कई दिग्गज महीनों से लगे हुए हैं। उन्होंने अपने-अपने नामों की सिफारिश करने के लिए सपा के प्रदेश स्तरीय नेतृत्व में भी अपने संबंधों को भुनाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है। लेकिन इन नेताओं को नाकामी ही हाथ लगी है। सपा सुप्रीमो धरातल पर रहने तथा जनता के बीच साफ सुथरी छवि वाले प्रत्याशियों को ही टिकट देने के मूड में हैं।

