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विवि की प्रवेश परीक्षा 1242 ने छोड़ी

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विवि की प्रवेश परीक्षा 1242 ने छोड़ी
  • पहली पाली में एलएलएम के 687 और दूसरी पाली में एमएड के 555 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर एवं संबद्ध महाविद्यालयों और संस्थानों में संचालित एलएलएम एवं एमएड पाठ्यक्रमों में सत्र 2024-25 में प्रवेश के लिए शनिवार को शहर के चार केंद्रों पर दो पालियों में प्रवेश परीक्षा संपन्न हुई। पहली पाली में एलएलएम के लिये पंजीकृत 3171 में से 687 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि दूसरी पाली में एमएड में प्रवेश के लिये परीक्षा के लिये पंजीकृत कुल 2128 में से 555 अभ्यर्थी परीक्षा से नदारद रहे।

परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार मेरठ कॉलेज परीक्षा केन्द्र पर एलएलएम परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें पंजीकृत 900 में से 171 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। आरजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सुबह 10 से 12 बजे तक चली पाली में पंजीकृत 900 में से 216 छात्रों ने परीक्षा नहीं दी।

सीसीएस यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित कांशीराम शोधपीठ परीक्षा केन्द्र पर एलएलएम की पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक संपन्न हुई। इसमें 500 छात्र पंजीकृत थे, जिसमें से 106 छात्र परीक्षा देने केंद्र पर नहीं पहुंचे। उधर, एनएएस कालेज परीक्षा केन्द्र पर एलएलएम की प्रथम पाली के लिये पंजीकृत 871 में से 194 छात्रों ने परीक्षा से किनारा किया।

एमएड प्रवेश परीक्षा में ये रही अनुपस्थिति

एमएड प्रवेश परीक्षा के लिये दोपहर दो से शाम पांच बजे तक चली दूसरी पाली में मेरठ कालेज केंद्र पर पंजीकृत 850 छात्रों में से 221 बच्चे अनुपस्थित रहे। आरजी कॉलेज, मेरठ परीक्षा केन्द्र पर एमएड द्वितीय पाली में पंजीकृत 850 में से 220 ने परीक्षा छोड़ दी। उधर कांशीराम शोधपीठ, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर परीक्षा केन्द्र पर 428 में से 114 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। एमएड प्रवेश परीक्षा के लिये एनएएस पीजी कालेज में केंद्र नहीं बनाया गया था।

ये बोले कोआर्डिनेटर…

परीक्षा समन्वयक चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से डा. दुष्यंत चौहान ने बताया की कोआॅर्डिनेशन टीम में शामिल प्रो. अतवीर सिंह, प्रो. अशोक चौबे, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो.भूपेंद्र सिंह, प्रो. अनुज कुमार, प्रो. शैलेंद्र शर्मा, प्रो. राकेश शर्मा और डा. अजय कुमार आदि ने परीक्षा की सुचिता बनाने का काम किया। परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी गई। किसी भी केंद्र से कोई भी अनियमितता नहीं पाई गई।