नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सनातन धर्म में हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस पर्व का महिलाएं बड़ी बेसब्री से इंतजार करती हैं। यह व्रत अखंड सौभाग्य, पति की लंबी आयु, और सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है। वहीं, इस व्रत में कुछ लोगों को यहां सरगी की परंपरा है। जिसमें महिलाएं करवा चौथ व्रत का संकल्प लेती हैं। साथ ही पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर चांद को देखकर ही व्रत का पारण करती हैं। वहीं, इस दिन महिलाएं शाम को करवा माता, भगवान गणेश की पूजा और कथा सुनती हैं। तो चलिए ऐसे में जानते हैं इस व्रत की तिथि, सरगी और आदि के बारे में…
चतुर्थी तिथि?
पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए सुहागिन महिलाएं इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी करवा चौथ का व्रत रविवार 20 अक्तूबर को रखेंगी। करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर 2024 को सुबह 6:46 बजे से शुरू होगी और 21 अक्टूबर 2024 को सुबह 4:16 बजे समाप्त होगी।
सरगी क्या होती हैं?
करवा चौथ व्रत में कई तरह की परंपराओं का पालन किया जाता है, जिसकी शुरुआत सरगी खाने से होती है। ये सरगी सास अपनी बहू को देती है। सरगी में मिठाई, फल, सैवई, पूड़ी और साज-श्रृंगार का सामान दिया जाता है। सरगी के बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है।
सरगी का शुभ मुहूर्त 2024
सुहागिन महिलाएं करवा चौथ पर सूर्योदय से पहले स्नान करके व्रत रखने का संकल्प लेती हैं। इस दौरान सास द्वारा दी गई सरगी का सेवन किया जाता है। ऐसे में 20 अक्तूबर को सूर्योदय का समय सुबह 06 बजकर 30 मिनट पर है। करवा चौथ पर सरगी सूर्योदय होने से दो घंटे पहले खाई जाती है। ऐसे करवा चौथ पर सरगी खाने का शुभ मुहूर्त सुबह 04 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
कब लगेगी भद्रा
ज्योतिष शास्त्र में भद्रा को शुभ माना गया है। कहा जाता है कि भद्रा शुभ कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है। इस वर्ष करवा चौथ पर 20 अक्तूबर को 21 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा, जो सुबह 06:24 से 06:46 तक रहने वाला है। करवा चौथ व्रत की शुरुआत भद्रा काल शुरू होने से पूर्व ही हो जाएगी। ऐसे में व्रती सूर्योदय से पहले स्नान कर सरगी ग्रहण कर लें और व्रत का संकल्प ले लें।

