Tuesday, March 24, 2026
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Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जन्मोत्सव पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना भुगतने होंगे अशुभ परिणाम

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार यह विशेष पर्व 12 अप्रैल 2025 को प्रात: 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो रहा है, और 13 अप्रैल 2025 को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर समाप्‍त होगा। पूरे भारत में इस दिन हनुमान जी की पूजा और आराधना की जाएगी, जो विशेष रूप से बजरंगबली की भक्ति और शक्ति को मनाने का अवसर है। हनुमान जन्मोत्सव का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ज्योतिष शास्त्र में भी खास है। इस दिन विशेष रूप से बजरंगबली की उपासना करने से न केवल जीवन की तमाम परेशानियों का समाधान होता है, बल्कि कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है। माना जाता है कि इस दिन की पूजा से व्यक्ति की संजीवनी शक्ति बढ़ती है, और संकटों से उबरने की क्षमता विकसित होती है।

ज्योतिषियों के मुताबिक मंगल ग्रह के शुभ पर प्रभाव से व्यक्ति निडर और ऊर्जावान बनता है, जिससे कार्यों को पूरा करने की क्षमता मिलती है। ऐसे में हनुमान भक्तों के लिए हनुमान जन्मोत्सव का दिन बेहद खास है। इस तिथि पर हस्त नक्षत्र और व्याघात योग का संयोग बन रहा है, जो संकटमोचन की कृपा पाने के लिए कल्याणकारी है। परंतु इस दिन कुछ विशेष कार्यों को करने से भी बचना चाहिए अन्यथा अशुभ परिणाम मिल सकते हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।

हनुमान जन्मोत्सव पर भूलकर भी न करें ये गलतियां

  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जन्मोत्सव के दिन घर में लहसुन व प्याज का उपयोग न करें। इस दौरान शराब, मांसाहार, तंबाकू आदि चीजों से भी दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • हनुमान जन्मोत्सव हनुमान जी की कृपा पाने का दिन है। इस दिन दान अवश्य करें। परंतु याद रखें आप जिन भी चीजों का दान करें, उन्हें खुद ग्रहण भूलकर भी न करें। यह अशुभ हो सकता है।
  • अगर आप हनुमान जन्मोत्सव के दिन उपवास रख रहे हैं, तो आप गलती से भी नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कहा जाता है कि बजरंगबली की आराधना में चरणामृत का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • हनुमान जन्मोत्सव पर बजरंगबली की पूजा में काले या सफेद रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। यह उचित नहीं है।
  • इस दिन बजरंगबली की टूटी या खंडित प्रतिमा की पूजा न करें। आप इसे जल में प्रवाहित कर दें और नई तस्वीर की पूजा करें।

शुभ मुहूर्त

हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा के लिए दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। पहला मुहूर्त 12 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 35 मिनट से सुबह 9 बजकर 11 मिनट तक है। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 45 मिनट से लेकर रात 8. 8 मिनट तक रहेगा।

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