जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मानसून की पहली बारिश में महानगर जलमग्न हो गया। करीब 75 मिनट की बारिश ने नगर निगम द्वारा नालों की गई सफाई की पोल खोल डाली। मेन रोड से लेकर गली मोहल्लों में भारी जलभराव हुआ। कई थानें, नगर निगम समेत कई सरकारी कार्यालय तरणताल बन गए। कुछ क्षेत्रों में तो दुकानों, घरों और कारखानों में गंदा पानी भर गया। चारों ओर पानी ही पानी नजर आया। जलभराव में फंसकर जहां दुपहिया, तिपहिया वाहन और कारें बंद हो गई। वहीं अनेक लोग जलभराव में गिरकर चोटिल हो गए।
बुधवार की शाम करीब छह बजे अचानक धीमी फुहार बरसनी शुरू हुई। सात बजे तेज वर्षा शुरू हो गई। करीब 75 मिनट की बारिश में पूरा शहर टापू में तब्दील हो गया। नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद एक ही बारिश में शहर तरणताल बन गया। बेगमपुल रोड, हापुड़ रोड, गढ़ रोड, दिल्ली रोड, रुड़की रोड, बागपत रोड पर जगह जगह जलभराव हुआ। बच्चा पार्क, छीपी टैंक, मोहनपुरी, खैरनगर बाजार, खैरनगर रोड, बुढ़ाना गेट, जीमखाना मैदान रोड, ईस्टर्न कचहरी रोड, जली कोठी, अहमद रोड, अमीर रोड, पूर्वा फैयाज अली, मकबरा, आनंदपुरी, जैन नगर, टीपी नगर, ब्रहमपुरी, इंदिरा नगर, देहली गेट, बागपत गेट, केसरगंज, पुर्वा महावीर, रेलवे रोड, ईश्वरपुरी, सेठों वाली गली, भगत सिंह मार्केट, पोदीवाड़ा, जाटव गेट, शाहपीर गेट, लिसाड़ी रोड, इस्लामाबाद, श्यामनगर, तारापुरी में खूब जलभराव हुआ।
पॉश एरिया सिविल लाइन्स, मानसरोवर में भी जबर्दस्त जलभराव हुआ। मोहनपुरी, सुभाषनगर, आनंदपुरी, खैरनगर, रौनकपुरा, सेठों वाली गली में घरों में पानी भर गया। लोगों को भारी पेरशानी का सामना करना पड़ा। माधवपुरम, पल्लवपुरम, शताब्दीनगर, वेद व्यासपुरी, जागृति विहार, थापर नगर, पटेल नगर आदि कॉलोनियों में भी नाले नालियों का पानी सड़कों पर जमा रहा। नालों की सफाई का दावा करने वाले नगर निगम के दफ्तर में करीब दो फुट पानी भर गया। यहां बिजली विभाग के एससी के दफ्तर में भी पानी भर गया। संयुक्त विकास आयुक्त के कार्यालय, तहसील सदर कार्यालय में भी जलभराव होने से लोगों को खासी परेशानी हुई। थाना देहली गेट, थाना रेलवे रोड, थाना लिसाड़ी गेट, थाना सिविल लाइन्स, थाना ब्रह्मपुरी में भी नाले का पानी भरने से पुलिसकर्मियों के साथ-साथ वहां आने वाले फरियादियों को खासी मुसीबत का सामना करना पड़ा।
शहर में चारों ओर लगा जाम, हर कोई हलकान
मानसून की पहली बारिश में महानगर के तरणताल बनने पर वाहन सवार व अन्य लोग पानी उतरने के इंतजार में घंटों खड़े रहे। इस दौरान शहर में चारों ओर जाम लग गया। बच्चा पार्क, बुढ़ाना गेट, खैरनगर, अहमद रोड, रेलवे रोड चौराहा, केसरगंज, ईव्ज चौराहा, देहली गेट चौराहा, बागपत गेट तिराहा, बेगमपुल, सोतीगंज, प्रहलाद नगर, लिसाड़ी गेट चौराहा, भूमिया का पुल पर घंटों जाम लगा रहा। जाम में फंसे लोगों को खासी मुसीबत का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर सिविल पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली, लेकिन यातायात सुचारू करने में करीब दो घंटा लगे। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बारिश ने बिगाड़ी नौचंदी मेले की रौनक, व्यापारियों को भारी नुकसान
जहां एक तरफ बुधवार को मानसून की पहली बारिश ने शहरवासियों को प्रचंड गर्मी से राहत दी। वहीं, दूसरी ओर मानसून ने नौचंदी मेले में आए दुकानदारों को मायूस कर दिया। इस बार अभी तक नौचंदी मेले की रौनक लौटी भी नहीं थी कि बुधवार को तेज बारिश ने दुकानदारों की कमर तोड़ दी है। मेले में एक तरफ अवैध ठेकेदार अवैध वसूली कर रहा है। वहीं, मेले में दुकानदार बिजली की दरों की मार झेल रहे हैं। उस पर सोने पर सुहागा बारिश ने दुकानदारों को पूरी तरह से तोड़ दिया है। बारिश से मेला प्रांगण में जगह-जगह जलभराव और कीचड़ हो गया। साथ ही जो तंबू लगाए गए हैं, उनमें पानी भर गया। बारिश ने मेला ठप कर दिया। जिससे न केवल आवंटित दुकान वालों को दिक्कत रही बल्कि मेले में रेहड़ी लगाने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

