जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों से जारी मूसलधार बारिश के कारण राज्य में भूस्खलन, बाढ़ और सड़क अवरोध जैसी घटनाओं में तेज़ी आई है। कई क्षेत्रों में पुल बह गए, सड़कें बंद हो गईं, स्कूल-कॉलेज बंद करने पड़े और लाखों की जनसंपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
पुल ध्वस्त, 617 सड़कें बंद, बिजली-पानी व्यवस्था ठप
सोलन जिले के मानपुरा क्षेत्र में स्थित मानकपुर और दवनी को जोड़ने वाला पुल तेज बारिश के चलते ढह गया। इससे उद्योगों और कामगारों को वैकल्पिक मार्गों से लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। राज्य में चार नेशनल हाईवे सहित 617 सड़कें बंद हैं। 1491 बिजली ट्रांसफार्मर और 265 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिमला, ठियोग, चौपाल, कुमारसैन, आनी और निरमंड उपमंडलों के सभी शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित किया गया है। सोलन जिले में भी सभी स्कूल व आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें।
किन्नौर कैलाश यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त, लोग फंसे
किन्नौर में भारी बारिश और भूस्खलन के चलते किन्नौर कैलाश यात्रा मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। प्रशासन ने देर रात बचाव अभियान चलाकर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। निगुलसरी में एनएच-5 भूस्खलन से बाधित हो गया है।
शिमला-सोलन हाईवे पर भारी भूस्खलन, लंबा जाम
कालका-शिमला नेशनल हाईवे चक्कीमोड़ के समीप भूस्खलन के कारण बाधित हो गया। लगातार गिरते पत्थरों और मलबे के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है।
चंबा में पहाड़ दरकने से 12 परिवारों को शिफ्ट किया गया
चंबा जिले के चुराह उपमंडल की बघेईगढ़ पंचायत के कंगेला गांव में भारी बारिश के बाद अचानक भूस्खलन हुआ। चट्टानों के तेजी से लुढ़कने से बड़ा हादसा टल गया। 12 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
बारिश से अब तक 194 मौतें, 2,033 घर क्षतिग्रस्त
प्रदेश में इस मानसून सीजन (20 जून से 5 अगस्त तक) में 194 लोगों की मौत, 301 घायल और 36 लोग लापता हुए हैं। 86 मौतें सड़क हादसों में, जबकि बाकी भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ से हुई हैं। अब तक 2,033 मकान व दुकानें और 1,610 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,551 पालतू पशुओं की मौत हुई है। कुल नुकसान का आंकड़ा 1,852.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
मंडी-कुल्लू हाईवे पूरी रात बंद, यात्री फंसे
एनएच-3 (मंडी-कुल्लू) मार्ग बीती रात 8 बजे से बंद हो गया। कैंची मोड़ और दवाड़ा फ्लाईओवर के पास भारी मलबा और पत्थर गिरने से एक तेल के टैंकर पर भी पत्थर गिरा, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। यात्री रातभर गाड़ियों में फंसे रहे। सुबह 8 बजे तक आंशिक रूप से रास्ता खोला गया है, लेकिन पंडोह से कुल्लू तक का मार्ग अब भी बंद है।
ऊना-हमीरपुर को जोड़ने वाला मार्ग बंद
बड़सर–पीपलू मार्ग पर रच्छोह गांव के पास भारी भूस्खलन के चलते संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। स्थानीय लोग इससे काफी प्रभावित हैं क्योंकि यह क्षेत्र का मुख्य मार्ग है।
बारिश का दौर 12 अगस्त तक जारी, येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग, शिमला ने 12 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट भी लागू किया गया है। बीती रात कसौली में 145.0 मिमी, धर्मपुर में 122.8 मिमी, गोहर में 120.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।
प्रशासन ने क्या की अपील?
लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों, नालों और खड्डों से दूर रहें और मौसम की गंभीरता को देखते हुए घर से बाहर निकलने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

