जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर नवनिर्मित कर्तव्य भवन-3 का भव्य उद्घाटन किया। यह भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत बनने वाले कुल 10 नए भवनों में से पहला है, जिसमें विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को एक ही परिसर में लाकर समन्वय, दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देने का उद्देश्य है। उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भवन “नए भारत की कार्यसंस्कृति और सुशासन का प्रतीक” बनेगा। उन्होंने शाम 6 बजे कर्तव्य पथ पर एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित किया।

कर्तव्य भवन-3 की खासियतें
क्षेत्रफल: 1.5 लाख वर्ग मीटर
संरचना: दो बेसमेंट सहित कुल 10 तल
कार पार्किंग क्षमता: 600 वाहन
बैठक कक्ष: 24 बड़े सम्मेलन कक्ष (45 लोगों की क्षमता), 26 छोटे कक्ष (25 की क्षमता), और 67 मीटिंग रूम (प्रत्येक में 9 लोगों की क्षमता)
अन्य सुविधाएं: योगा रूम, क्रेच, मेडिकल रूम, कैफे, मल्टीपरपज हॉल
सुरक्षा व स्मार्ट सुविधाएं: स्मार्ट एंट्री, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन, सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर, अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, ऊर्जा-बचत प्रणाली और अत्याधुनिक सीसीटीवी कमांड सेंटर
30% तक ऊर्जा की बचत
कर्तव्य भवन-3 को ऊर्जा दक्षता के लिहाज से डिजाइन किया गया है। यह सामान्य कार्यालय भवनों की तुलना में 30% कम ऊर्जा की खपत करता है। भवन में LED लाइट्स, स्मार्ट सेंसर, ऑटोमैटिक लिफ्ट्स और बिजली प्रबंधन प्रणाली लगाई गई है।
किन मंत्रालयों को मिलेगा स्थान?
नए भवन में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT),पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय,प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) का कार्यालय।
पुराने भवन होंगे खाली और ध्वस्त
अब तक मंत्रालय शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसी पुरानी इमारतों में काम कर रहे थे, जिन्हें अब तोड़ा जाएगा। ये भवन 1950-70 के दशक में बनाए गए थे और अब खस्ताहाल हो चुके हैं।
नार्थ और साउथ ब्लॉक को मिलेगा नया रूप
कर्तव्य भवनों में मंत्रालयों के स्थानांतरण के बाद नार्थ और साउथ ब्लॉक को भारत संग्रहालय में बदला जाएगा। यहां महाभारत काल से लेकर आधुनिक भारत तक का इतिहास, संस्कृति और कला प्रदर्शित की जाएगी, बिना किसी संरचनात्मक बदलाव के।
भविष्य की योजना?
शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएंगे। शेष 7 भवन अप्रैल 2027 तक पूरे हो जाएंगे। पूरी परियोजना दिसंबर 2031 तक पूरी करने का लक्ष्य है, जिसमें प्रधानमंत्री का नया आवास और कार्यालय भी शामिल है। नई मेट्रो लाइन के माध्यम से इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से कर्तव्य भवनों को जोड़ा जाएगा। इस परियोजना से सालाना 1,500 करोड़ रुपये के किराए की बचत होगी।
कुल अनुमानित लागत?
संपूर्ण परियोजना पर लगभग 1,000 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। बता दें कि, यह परियोजना न सिर्फ दिल्ली की भवन संरचना में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने जा रही है, बल्कि “न्यू इंडिया” की प्रशासनिक दृष्टि को भी आकार दे रही है। सेंट्रल विस्टा के माध्यम से केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली अधिक एकीकृत, तकनीक-सक्षम और पर्यावरण के प्रति सजग हो रही है।

