जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेडा की मनमानी और टाल-मटोल नीति से गंगानगर, लोहियानगर और वेदव्यास पुरी आवासीय योजनाओं के किसानों में गहरा रोष है। संयुक्त किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जसवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में बोर्ड बैठक (106वीं से 109वीं) में परिचालन प्रस्ताव पारित कर किसानों को शताब्दी नगर योजना की तर्ज पर अतिरिक्त प्रतिकर देने का निर्णय लिया गया था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद मंत्री सोमेन्द्र तोमर, तत्कालीन कमिश्नर प्रभात कुमार और तत्कालीन उपाध्यक्ष अनीता मेश्राम की मौजूदगी में करीब 2.81 करोड़ रुपये के चेक किसानों को वितरित भी कर दिए गए थे, लेकिन कोविड-19 प्रोटोकॉल के चलते शेष किसानों को प्रतिकर और प्लॉट का वितरण रोक दिया। लॉकडाउन हटने के बाद भी मेडा ने आज तक किसानों को उनका हक नहीं दिया। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण बार-बार झूठे आश्वासन देकर किसानों को गुमराह करता रहा है। अब एक बार फिर इस प्रकरण को बोर्ड बैठक में रखने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सर्वथा अनुचित है क्योंकि यह मामला नया समझौता लागू करने का नहीं, बल्कि पहले से पारित प्रस्ताव के अनुसार किसानों को उनका हक दिलाने का है। बार-बार टाल-मटोल से किसानों का मनोबल टूट चुका है और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 11 सितंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में भी किसानों को उनका अधिकार नहीं दिया गया, तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।
अब और इंतजार नहीं हक चाहिए
किसान परिवारों का कहना है कि वे केवल वही मांग रहे हैं जो मेडा ने खुद बोर्ड प्रस्ताव पारित करके स्वीकृत किया था। ऐसे में अब किसी भी प्रकार की देरी किसानों के साथ खुला अन्याय होगा। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि मेडा ने त्वरित निस्तारण नहीं किया, तो गंगानगर समेत सभी प्रभावित योजनाओं के किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। किसानों का साफ संदेश है कि अब और इंतजार नहीं, हक चाहिए, हक लेकर रहेंगे।
प्राधिकरण में वार्ता के न्योते पर नहीं गए किसान
धरना दे रहे किसानों ने मेडा वीसी के प्राधिकरण में आकर वार्ता के न्योते को ठुकरा दिया। उनका कहना है कि जो बात करनी है धरना दे रहे, किसानों के बीच आकर की जाए। प्रतिकर के भुगतान की मांग को लेकर वेदव्यासपुरी मंडपम पर किसानों का धरना गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। वहीं, दूसरी ओर एक्सईएन पवन भारद्वाज किसानों के बीच धरना स्थल पर पहुंंचे तो सही, लेकिन उनके पास कोई नहीं बात नहीं थी। वो आज भी खाली हाथ ही पहुंचे थे। किसानों ने उनको दो टूक कह दिया कि साल 2015 को जो समझौता प्राधिकरण के साथ हुआ था, उसको लागू किया जाए सितंबर माह में जिस बोर्ड बैठक की बात कही जा रही है, उस पर किसानों को एतराज है। किसान नेता एडवोकेट नरेश प्रधान का कहना है कि जब पूर्व में समझौता हो चुका है तो उसी को लागू किया जाना चाहिए। उससे ना कम ना ज्यादा। किसानों ने एक्सईएन को उल्टे हाथ लौटा दिया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में उमस व तेज धूप में महिलाएं भी डटी रहीं। उनका कहना है कि वो इस बार खाली हाथ नहीं लौटेंगी। यदि प्रतिकर का भुगतान नहीं किया गया तो यहीं पर डटी रहेंगी। धरना स्थल पर नरेश प्रधान, धर्मपाल सिंह, सुभाष प्रधान, मंगतसिंह, अनिल, मिश्रो, स्यामो, रेशा, बिरजो, बसंती, तारा, निर्मला आदि सभी किसानों ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक धरने से नहीं उठेंगे। किसान यूनियन से प्रदीप शर्मा, देवेन्द्र चौधरी व कुसुम चौधरी आदि भी धरने में शामिल हुए। वहीं, दूसरी ओर इंस्पेक्टर टीपीनगर भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। किसान नेताओं से भी बातचीत की। नगर निगम से धरना स्थल पर सचल शौचालय भिजवाया गया।
बिना नोटिस तोड़फोड़ से किसानों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की मनमानी कार्रवाई से किसानों में रोष है। गांव मामपुर निवासी किसान बोनी पुत्र अमर सिंह ने मेडा उपाध्यक्ष को शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया कि 26 अगस्त को मेडा अधिकारियों ने उनकी कृषि भूमि पर बनाई जा रही दुकान को जबरन तोड़ दिया। किसान का कहना है कि यह दुकान बीज, खाद और कृषि सामग्री बेचने के लिए बनाई जा रही थी, जिससे उनकी आजीविका चल सके। किसान का आरोप है कि दुकान उनकी निजी कृषि भूमि पर थी, न कि किसी सरकारी जमीन पर। इसके बावजूद बिना किसी पूर्व नोटिस या विधिक प्रक्रिया के मेडा ने बुलडोजर चलवा दिया। किसान का कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक व मानसिक नुकसान हुआ है। पीड़ित किसान ने मेडा पर मनमानी और किसानों के साथ असंवेदनशील रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में बिना वैधानिक प्रक्रिया किसी भी किसान के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो। मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा ने जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। इस दौरान भाकियू आजाद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान, रजपुरा ब्लॉक अध्यक्ष ठा. कार्तिक चौहान, नगर अध्यक्ष राजपूत बाबू, युवा प्रदेश सचिव पवन शुक्ला आदि मौजूद थे।
मेडा वीसी से मिले राज्यसभा सांसद
मेरठ: गुरुवार को राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई मेरठ विकास प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने मेडा वीसी संजय मीणा से मुलाकात की। इसके साथ उन्होंने मेरठ के विकास को लेकर मेडा वीसी के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की शहरवासी कई सालों से मांग कर रहे हैं। इसके साथ रिंग रोड व रेलवे लिंक रोड के रास्ते को खोलने की चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने मेडा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। शहर में कई योजनाएं प्रस्तावित है। इन योजनाओं पर जल्द से जल्द काम कराया जाएगा। इसके साथ उन्होंने मेडा सचिव व टाउन प्लानर से मुलाकात की। जल्द से जल्द शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए रिंग रोड बनाई जाए। एलिवेटिड रोड का निर्माण किया जाए। इसके साथ रेलवे रोड लिंक मार्ग का रास्ता खोला जाए।

