जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों ने यहां गन्ना भवन पर धरना प्रदर्शन किया। कार्यकताओं ने सरकार के विरोध में गगनभेदी नारे लगाए। कार्यकर्ता गन्ना मूल्य भुगतान एवं गन्ने का लाभकारी मूल्य 450 रुपये प्रति कुंटल घोषित करने की मांग कर रहे थे।
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राव कैसर ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनहीन है। पूरे भारत में सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में किसानों का गन्ना भुगतान बकाया है। सितंबर 2020 तक केवल उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों पर किसानों का 12994 करोड़ रुपया बकाया है।
सरकार ने वादा किया था कि 14 दिन के अंदर अंदर किसानों को गन्ने का भुगतान किया जाएगा। यदि नहीं हुआ तो ब्याज सहित गन्ने का भुगतान किया जाएगा किंतु संवेदनहीन सरकार किसानों के प्रति बिल्कुल उदासीन है। चालू पेराई सत्र को लगभग 2 माह गुजर चुके हैं किंतु आज तक गन्ने का लाभकारी मूल्य सरकार द्वारा घोषित नहीं किया गया।
गन्ना मूल्य की घोषणा न करना किसानों का उत्पीड़न है। बाद में कार्यकतार्ओं ने 2 सूत्रीय ज्ञापन महामहिम राज्यपाल को संबोधित जिला गन्ना अधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से प्रदेश सचिव चौधरी धीर सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी अयूब हसन, हरपाल वाल्मीकि, शौकीन राणा, महावीर सैनी, राव जान मोहम्मद, आसिफ पार्षद सुभाष चंद्र, सुरेंद्र जाट, विशाल कंबोज, आरिफ मुखिया, राव शाकिर राव, अखलाक राव, शहजाद, संजय कंबोज, विकास सैनी, योगेश पूनिया, रविंद्र त्यागी, देवेंद्र त्यागी, फखरुल इस्लाम, फरमान मलिक, तारिक, अब्दुल्ला राव, अनवार, जयभगवान आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहें।

