Wednesday, April 1, 2026
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Delhi News: दिल्ली में वायु प्रदूषण संकट, सांस लेना हुआ मुश्किल, एक्यूआई 450 के पार

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: राजधानी में स्थानीय कारकों के कारण प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। हवा की गति धीमी रहने के कारण, सात दिनों से लगातार हवा बेहद खराब श्रेणी में रही, और आज यह गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। सुबह का समय धुंध और कोहरे से ढका हुआ था, और आसमान में स्मॉग की घनी परत नजर आई। दिल्ली के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, मंगलवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 413 दर्ज किया गया, जो कि हवा की बेहद खराब श्रेणी को दर्शाता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सुबह सात बजे के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली के अलीपुर में एक्यूआई 408, आनंद विहार में एक्यूआई 466, अशोक विहार में 444, आया नगर में 367, बवाना में 427, बुराड़ी में 390, चांदनी चौक इलाके में 425 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

वहीं, डीटीयू में 420, द्वारका सेक्टर 8 इलाके में 440, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 इलाके में 379, आईटीओ में 436, जहांगीरपुरी में 447, लोधी रोड 368, मुंडका 451, नजफगढ़ में 385, पंजाबी बाग में 440, आरकेपुरम 443, रोहिणी 434, सोनिया विहार 413, विवेक विहार 446, वजीरपुर में 440 दर्ज किया गया है।

जानिए एक्यूआई रीडिंग के मानक

एक्यूआई रीडिंग को अच्छा (0-50), संतोषजनक (51-100), मध्यम प्रदूषित (101-200), खराब (201-300), बहुत खराब (301-400), और गंभीर (401-500) श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

200 से नीचे एक्यूआई दर्ज नहीं

दिसंबर का महीना बीतने को है, लेकिन दिल्ली की हवा अब तक जहरीली बनी हुई है। इस महीने अब तक ऐसा एक भी दिन दर्ज नहीं हुआ, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 से नीचे रहा हो। पूरे दिसंबर में दिल्लीवासियों को मध्यम श्रेणी की हवा भी नसीब नहीं हुई। सीपीसीबी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में अब तक करीब 20 दिन ऐसे रहे हैं, जब हवा की गुणवत्ता रेड जोन में दर्ज की गई। सीपीसीबी के मुताबिक, मध्यम श्रेणी की हवा तभी मानी जाती है, जब एक्यूआई 200 से नीचे हो, लेकिन इस महीने ऐसा एक भी दिन रिकॉर्ड नहीं किया गया। इसके उलट, पिछले साल इसी अवधि में हालात कुछ बेहतर थे। दिसंबर, 2024 में दिल्ली में छह दिन ऐसे दर्ज किए गए थे, जब हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ रही थी।

दिसंबर 2024 में दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को लेकर स्थिति कुछ बेहतर थी। कुल आठ दिन ऐसा था, जब AQI 200 से नीचे रहा, जबकि आठ दिन ‘खराब’ और छह दिन ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किए गए। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल 1 से 7 दिसंबर के बीच दिल्ली की हवा अधिकांश समय मध्यम से खराब श्रेणी में रही थी। केवल एक दिन ऐसा था, जब AQI 300 को पार करके ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचा, लेकिन अगले ही दिन स्थिति में सुधार हो गया था।

इस साल दिसंबर में प्रदूषण का स्तर कहीं अधिक खराब है। 1 से 8 दिसंबर तक लगातार AQI 300 से ऊपर दर्ज किया गया, यानी हवा लगातार ‘बहुत खराब’ रही। बीच में सिर्फ दो दिनों के लिए थोड़ी राहत मिली, जब AQI ‘खराब श्रेणी’ तक नीचे आया, लेकिन 11 दिसंबर से प्रदूषण फिर से ‘रेड जोन’ में लौट आया और तब से स्थिति वहीं बनी हुई है। इन दो दिनों को छोड़ दिया जाए, तो पूरे महीने दिल्ली की हवा अधिकांश समय ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही है।

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