Friday, May 1, 2026
- Advertisement -

Supreme court: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली खनन मामले में पुराने आदेश पर लगाई रोक, सरकार से मांग स्पष्टीकरण

जनवाणी ब्यूरो।

नई दिल्ली: अरावली खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने पहले के फैसले पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत की पीठ ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा और कहा कि इस मामले में स्पष्टीकरण जरूरी है।

बता दें कि कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं की परिभाषा को नए सिरे से तय करने से जुड़े इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 20 नवंबर के फैसले में दिए गए निर्देश फिलहाल स्थगित रहेंगे। आदेश में अदालत ने यह भी कहा कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर स्पष्टीकरण आवश्यक है।

अरावली खनन मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को

सोमवार को अवकाश पीठ में हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने का प्रस्ताव रखा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया और कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई 21 जनवरी को होगी।

24 दिसंबर के निर्देश: अरावली खनन पर रोक और संरक्षण

इस संवेदनशील मामले पर 24 दिसंबर को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नए निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों में कहा गया कि नए खनन के लिए मंजूरी देने पर रोक पूरे अरावली क्षेत्र पर लागू रहेगी।

निर्देशों का उद्देश्य अरावली रेंज की अखंडता बनाए रखना है। साथ ही इसका लक्ष्य गुजरात से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली सतत भूवैज्ञानिक श्रृंखला के रूप में अरावली का संरक्षण करना और सभी अनियमित खनन गतिविधियों को रोकना है।

ICFRE की भूमिका: अरावली संरक्षण के लिए विज्ञान आधारित योजना

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, ICFRE (भारतीय वन अनुसंधान और शिक्षा संस्थान) से कहा गया है कि पूरे अरावली क्षेत्र में उन अतिरिक्त क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां खनन पर रोक लगनी चाहिए। ये वे क्षेत्र होंगे, जिन पर पहले से केंद्र ने खनन पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।

ICFRE से एक समग्र और विज्ञान आधारित प्रबंधन योजना तैयार करने को कहा गया है। इस योजना को सार्वजनिक किया जाएगा ताकि सभी साझेदारों से सुझाव और सलाह ली जा सके। इसके साथ ही योजना में पर्यावरणीय आकलन और पारिस्थितिक क्षमता का भी मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जा सके और इन क्षेत्रों की बहाली या पुनर्वास के उपाय किए जा सकें।

अरावली में संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों का दायरा और बढ़ेगा

पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि केंद्र की इस पहल के तहत पूरे अरावली क्षेत्र में खनन के लिए संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों का दायरा और व्यापक हो जाएगा। इसमें स्थानीय भौगोलिक संरचना, पारिस्थितिकी और जैव-विविधता का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

पहले से चल रही खदानों का कड़ाई से नियमन

केंद्र ने निर्देश दिया है कि पहले से चल रही खदानों के मामले में राज्य सरकारें सभी पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन कराएं और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप कार्य करें। मौजूदा खनन गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और इसके लिए अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे, ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

किसानों के लिए वरदान हैं बैंगन की टॉप 5 किस्में

किसानों के लिए बैंगन की खेती में बेहतर उत्पादन...

धान उगाने की एरोबिक विधि

डॉ.शालिनी गुप्ता, डॉ.आर.एस.सेंगर एरोबिक धान उगाने की एक पद्धति है,...

बढ़ती मांग से चीकू की खेती बनी फायदेमंद

चीकू एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ...

झालमुड़ी कथा की व्यथा और जनता

झालमुड़ी और जनता का नाता पुराना है। एक तरफ...

तस्वीरों में दुनिया देखने वाले रघु रॉय

भारतीय फोटो पत्रकारिता के इतिहास में कुछ नाम ऐसे...
spot_imgspot_img