जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बजट सत्र के दौरान उनकी टिप्पणियों को लेकर हमला बोला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री हर सत्र की शुरुआत से पहले “देश को अपना वही पाखंडी संदेश” देते हैं। उन्होंने इस प्रदर्शन को इसी कड़ी का हिस्सा करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष को विश्वास में लेने के लिए सर्वदलीय बैठकें नहीं बुलाते और न ही उनकी अध्यक्षता करते हैं।
जयराम रमेश का आरोप
रमेश ने प्रधानमंत्री पर यह भी आरोप लगाया कि वे अचानक अंतिम समय में विधेयक पेश करवाते हैं और उन्हें संसद से पारित करवा लेते हैं, बिना आवश्यक विधायी जांच के। उन्होंने आगे कहा कि मोदी संसद में बैठकर विपक्षी नेताओं की चिंताओं का जवाब नहीं देंगे, बल्कि वे दोनों सदनों में चुनावी रैलियों में भाषण देंगे। जयराम रमेश ने कहा, “प्रत्येक सत्र की शुरुआत से पहले वह संसद को पृष्ठभूमि बनाकर अपना वही पाखंड से भरा ‘देश के नाम संदेश’ देंगे।”
यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता महत्वाकांक्षी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बीच यूरोपीय संघ (EU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर एक बयान दिया। उन्होंने इसे भारत के लिए महत्वाकांक्षी करार दिया और निर्माताओं से आग्रह किया कि वे खुले नए बाजारों से लाभ उठाएं। मोदी ने यह भी कहा कि भारत लंबे समय से लंबित समस्याओं से उबर रहा है और अब दीर्घकालिक समाधानों की दिशा में काम कर रहा है।
मोदी का आत्मविश्वास से भरा संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि अब समाधान खोजने का समय आ गया है, न कि बाधाएं उत्पन्न करने का। उन्होंने अपनी सरकार के बारे में कहा कि यह केवल फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं की अंतिम-मील डिलीवरी सुनिश्चित करने पर भी काम कर रही है। संसद भवन परिसर में बजट सत्र की शुरुआत के दौरान मोदी ने पत्रकारों से कहा, “देश के सर्वांगीण विकास के लिए कदम उठाते समय हमारी प्राथमिकता हमेशा मानव-केंद्रित रहती है।” उन्होंने यह भी कहा कि आत्मविश्वास से भरा भारत अब दुनिया के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है।

