जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी को संसद में अपने रिकॉर्ड 9वें केंद्रीय बजट की घोषणा की। इस बजट में शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया गया है। युवाओं की क्षमता को बढ़ाने और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नई योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है। पिछले वित्त वर्ष में शिक्षा के लिए ₹1,28,650.05 करोड़ का आवंटन किया गया था, और इस बार भी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए बजट में और अधिक वृद्धि की है।
नई तकनीक और दक्षता आधारित रोजगार पर जोर
सरकार शिक्षा को रोजगार और उद्यम के साथ जोड़ने पर विशेष ध्यान देगी। विकसित भारत का मुख्य चालक सेवा क्षेत्र बनेगा, और इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों के प्रभाव का आकलन करेगी।
इसके अलावा, दक्षता आधारित रोजगार पर जोर दिया जाएगा और स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण बढ़ाया जाएगा, और अगले पांच वर्षों में एक लाख Allied Health Professionals (AHP) को जोड़ा जाएगा, जबकि 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
मेडिकल टूरिज्म और हेल्थकेयर क्षेत्र का विस्तार
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिसमें निजी क्षेत्र की भी भागीदारी होगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स में आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक, पोस्टकेयर और रीहैब केंद्र शामिल होंगे, जिससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इसके साथ ही, प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित किए जाएंगे। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना भी प्रस्तावित की गई है, और 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स के कौशल को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण योजना शुरू की जाएगी। साथ ही, नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की भी स्थापना की जाएगी।
सेवा क्षेत्र में विकास और रोजगार पर विशेष ध्यान
युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। शिक्षा के माध्यम से रोजगार और उद्यम के अवसर बढ़ाने के लिए एक स्थायी समिति बनाई जाएगी। इस समिति का उद्देश्य 2047 तक सेवा क्षेत्र में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी को 10 प्रतिशत तक बढ़ाना है। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देगी।
कुशल पेशेवरों की तैयारी
विकसित भारत की दिशा में कुशल पेशेवर तैयार करने के लिए एक प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिसमें युवाओं को आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार और उद्यम के लिए तैयार किया जाएगा। यह पहल सेवा क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने और देश की आर्थिक वृद्धि को तेज करने में मदद करेगी।

