जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 में हुए देश के विभाजन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शुक्रवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि देश का बंटवारा कांग्रेस की कायरता और कमजोरी का परिणाम था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर उस समय सरदार वल्लभभाई पटेल देश के प्रधानमंत्री होते या आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत नेतृत्व देश के पास होता, तो कोई भी भारत का नुकसान नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू, बौद्ध, जैन और सिखों का कत्लेआम हुआ और लाखों लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा।
आपसी अंतर्विरोध को बताया गुलामी की बड़ी वजह
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के गुलाम होने के पीछे दो प्रमुख कारण रहे, जिनमें से एक आपसी अंतर्विरोध था। जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज में मौजूद मतभेद और आपसी संघर्ष ने देश को कमजोर किया।
उन्होंने कहा कि इन अंतर्विरोधों और षड्यंत्रों के कारण भारतीय समाज सामूहिक रूप से विदेशी ताकतों का मुकाबला नहीं कर सका। इसका परिणाम देश की गुलामी के रूप में सामने आया। योगी ने कहा कि सनातन काल से एक भारत के रूप में मौजूद देश धीरे-धीरे टुकड़ों में बंटता चला गया।
विभाजन के बाद संपत्तियों को लेकर कांग्रेस पर आरोप
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि आजादी और विभाजन के बाद कांग्रेस शासन के दौरान शत्रु संपत्तियों की बंदरबांट हुई और निजी संपत्तियां बनाई गईं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से भारत आए हिंदू, जैन, बौद्ध और सिख शरणार्थियों को बसाने और उनकी मदद करने के लिए पर्याप्त प्रयास होने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय जमीनों और संपत्तियों के बंटवारे में अनियमितताएं हुईं।
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों की मानसिकता आज भी विभाजनकारी है और वे देश व समाज को बांटने की राजनीति करते हैं।
सीएम योगी ने निकाला पैदल मार्च
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर लखनऊ में सरदार पटेल की प्रतिमा से लोकभवन तक पैदल मार्च निकाला गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा के अन्य नेता भी मार्च में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई और उस दौर की त्रासदी को याद किया गया।

