जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारत दौरे से पहले कनाडा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की कनाडाई नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा प्रस्तावित है।
राणा, जो पाकिस्तान मूल का कारोबारी है, 1997 में कनाडा गया था और 2001 में उसे नागरिकता मिली थी। वह 2008 के मुंबई आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी माना जाता है। अप्रैल 2025 में उसे अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। नई दिल्ली पहुंचते ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
क्यों रद्द हो रही है नागरिकता?
कनाडा के आव्रजन विभाग के अनुसार, राणा की नागरिकता आतंकवाद के आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि कथित रूप से गलत जानकारी देने के कारण रद्द की जा रही है।
आरोप है कि राणा ने अपने नागरिकता आवेदन में दावा किया था कि वह चार वर्षों तक ओटावा और टोरंटो में रहा और इस दौरान केवल छह दिन के लिए देश से बाहर गया।
जांच में क्या सामने आया?
Royal Canadian Mounted Police (RCMP) की जांच में खुलासा हुआ कि संबंधित अवधि के दौरान राणा ज्यादातर समय शिकागो में था, जहां उसके कई व्यवसाय और संपत्तियां थीं। जांच एजेंसियों ने इसे गंभीर और जानबूझकर किया गया धोखा बताया है। आव्रजन विभाग का कहना है कि इस गलत जानकारी के आधार पर उसे नागरिकता मिली, जबकि वह इसके लिए पात्र नहीं था।
फेडरल कोर्ट में मामला
कनाडा सरकार ने मामला Federal Court of Canada को भेज दिया है। अंतिम फैसला अदालत ही करेगी। राणा के वकील ने सरकार के निर्णय को चुनौती देते हुए इसे उसके अधिकारों का उल्लंघन बताया है। हाल ही में इस मामले में सुनवाई भी हुई। सरकार ने अदालत से अनुरोध किया है कि कुछ संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी जानकारी सार्वजनिक न की जाए।
आव्रजन विभाग ने कहा कि नागरिकता रद्द करना आसान फैसला नहीं होता, लेकिन कानून की साख बनाए रखना आवश्यक है। पिछले दस वर्षों में ऐसे बहुत कम मामले सामने आए हैं। अब फेडरल कोर्ट तय करेगा कि राणा ने नागरिकता धोखे से हासिल की थी या नहीं।

