Wednesday, April 15, 2026
- Advertisement -

World News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण यूरोपीय देशों ने यात्रा से बचने की दी चेतावनी, भारत ने भी जारी की एडवाइजरी

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: कुछ यूरोपीय देशों ने ईरान और मध्य-पूर्व के विभिन्न इलाकों में बढ़ते तनाव को देखते हुए अपने नागरिकों से वहां से तुरंत निकलने या यात्रा करने से बचने की अपील की है। भारत सरकार ने पहले ही अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें हालिया तनाव को देखते हुए यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इन देशों ने संभावित फ्लाइट कैंसिलेशन या देरी की चेतावनी दी है और प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा भीड़-भाड़ से बचने का आग्रह किया है।

ब्रिटेन और फ्रांस ने जारी किया यात्रा अलर्ट

ब्रिटिश सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने ईरान से अपने कर्मचारियों को कुछ समय के लिए वापस बुला लिया है। साथ ही, ब्रिटेन ने ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। फ्रांस ने इजरायल, यरुशलम और वेस्ट बैंक के लिए एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की, जिसमें ईरान से जुड़ी स्थिति के क्षेत्रीय नतीजों का हवाला दिया गया।

फ्रांसीसी मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में कहा, “इजरायल और फिलिस्तीन की यात्रा से बचें, खासकर गाजा और वेस्ट बैंक के उन क्षेत्रों में जहां खतरा अधिक हो।”

इटली, जर्मनी और पोलैंड ने भी जारी किया चेतावनी

इटली ने अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने का आग्रह किया और मध्य-पूर्व के अन्य देशों में बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी। इटली के विदेश मंत्रालय ने कहा, “जो नागरिक पर्यटन के लिए ईरान में हैं, उन्हें तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी जाती है।” इसके साथ ही, इराक और लेबनान की यात्रा से बचने की भी सख्त चेतावनी दी गई है।

जर्मनी ने अपनी यात्रा सलाह को अपडेट करते हुए इजरायल की यात्रा पर रोक लगाई और सुरक्षा कारणों से उसे विस्तार से बताया। पोलैंड ने भी ईरान, इजरायल और लेबनान को तुरंत छोड़ने की अपील की और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर चेतावनी जारी की।

डच मंत्रालय का अलर्ट, “यह बहुत खतरनाक है”

डच विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल, गाजा, लेबनान और मिस्र के सीमा क्षेत्रों के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने कहा, “पश्चिम एशिया में सुरक्षा की स्थिति अनिश्चित है; इस समय इजरायल और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा न करें। यह बेहद खतरनाक हो सकता है।”

अन्य देशों का भी किया गया अलर्ट

फिनलैंड और सर्बिया के विदेश मंत्रालयों ने पहले ही अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में ईरान, यमन और लीबिया से बचने का सुझाव दिया था। स्वीडिश विदेश मंत्रालय ने भी फरवरी में अपनी एडवाइजरी अपडेट की, जिसमें ईरान में रह रहे नागरिकों को वापस जाने का सुझाव दिया गया था और ईरान से सभी यात्राओं से बचने की चेतावनी दी गई थी।

अमेरिका की बढ़ती सैन्य उपस्थिति

अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को बढ़ाते हुए दो विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप) और एफ-35 स्टील्थ फाइटर विमानों सहित 150 से अधिक लड़ाकू विमानों की तैनाती की है। इसके साथ ही, जॉर्डन और इस्राइल में स्थित सैन्य ठिकानों को भी मजबूत किया गया है।

साइप्रस का अलर्ट

साइप्रस सरकार ने भी मध्य-पूर्व के घटनाक्रमों पर नज़र रखते हुए नागरिकों से ईरान, इजरायल और फिलिस्तीनी क्षेत्रों के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी का पालन करने का आग्रह किया। मंत्रालय ने कहा कि “ईरान की यात्रा से बचें और इजरायल तथा फिलिस्तीनी इलाकों की यात्रा न करें, विशेषकर गाजा और वेस्ट बैंक में।”

संभावित एयरस्पेस बंदी

इन देशों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण फ्लाइट कैंसिलेशन और एयरस्पेस के बंद होने की आशंका है, जो विमान यातायात को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

spot_imgspot_img