जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी एक भीषण हमले में मारे गए हैं। रिपोर्ट्स ने उनकी मौत की पुष्टि की है। दावा किया जा रहा है कि यह हमला अमेरिका और इस्राइल की ओर से संयुक्त रूप से किया गया।
ईरान को दूसरा बड़ा झटका
अभी ईरान इस घटना से उबर भी नहीं पाया था कि देश के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की भी एक अलग हमले में मौत हो गई। इस पर ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
अत्याधुनिक हथियारों से किया गया हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, नैनी को निशाना बनाकर किए गए हमले में अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। वे न केवल IRGC के प्रवक्ता थे, बल्कि ईरान की मनोवैज्ञानिक युद्ध रणनीति के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते थे।
आंतरिक सुरक्षा पर बड़े सवाल
खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की मौत ने ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खतीब देश के भीतर और बाहर खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के लिए जिम्मेदार थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही समय में सैन्य प्रवक्ता और खुफिया प्रमुख का मारा जाना इस बात का संकेत है कि हमलावरों के पास ईरान की सुरक्षा प्रणाली की सटीक जानकारी थी।
पूरे क्षेत्र में बढ़ा तनाव
इन हाई-प्रोफाइल हत्याओं के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। तेहरान में बदले की मांग तेज हो गई है और सरकार पर कड़ा जवाब देने का दबाव बढ़ रहा है।
हालांकि, अमेरिका और इस्राइल ने अभी तक इन हमलों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन ईरान ने सीधे तौर पर दोनों देशों को जिम्मेदार ठहराया है।

