जनवाणी संवाददाता |
11 अप्रैल को देशभर में राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शहर की जानी-मानी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा. नैना मिगलानी ने बताया कि गर्भावस्था, प्रसव और प्रसव के बाद महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और पोषण उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है, ताकि महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व मिल सके।डॉ. नैना मिगलानी के अनुसार सुरक्षित मातृत्व के लिए छह महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देना जरूरी है, जिनमें परिवार नियोजन, गर्भावस्था के दौरान देखभाल (प्रसव पूर्व देखभाल), सुरक्षित प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल, यौन संचारित रोगों की रोकथाम तथा एचआईवी की जांच और परामर्श शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि घर-घर तक सुरक्षित मातृत्व का संदेश पहुंचाना आवश्यक है। इसके लिए परिवार नियोजन सेवाएं, परामर्श, मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और पोषण को बढ़ावा देना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर जांच, दवाइयां और चिकित्सकीय सलाह मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। हर महीने की पहली तारीख को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच कराने पर भी जोर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरुआत 31 जुलाई 2016 को की गई थी, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।अंत में उन्होंने कहा कि “सुरक्षित मातृत्व, उज्जवल भविष्य” का संदेश अपनाना जरूरी है, क्योंकि हर माँ महत्वपूर्ण है और हर जीवन मायने रखता है। स्वस्थ माँ ही स्वस्थ और खुशहाल बच्चे को जन्म देती है।

