नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 1,600 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 23,600 के अहम स्तर से नीचे पहुंच गया।
सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स दिन के निचले स्तर 75,939 तक गिर गया, जबकि निफ्टी में 450 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान बाजार में भारी बिकवाली का दबाव देखा गया।
शुरुआती कारोबार का हाल
सेंसेक्स: 76,003.55 (-1,546.70 / -1.99%)
निफ्टी: 23,580.00 (-470.60 / -1.96%)
बैंकिंग और पीएसयू शेयरों में भारी गिरावट
वैश्विक तनाव के चलते बाजार में व्यापक बिकवाली देखी गई। खासतौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इसके अलावा बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और तेल एवं गैस सेक्टर के शेयर भी दबाव में रहे।
हालांकि, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे रक्षात्मक सेक्टरों में अपेक्षाकृत कम गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं।
वीआईएक्स में उछाल, निवेशकों में बढ़ी चिंता
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला India VIX 13% से अधिक बढ़कर 21 के पार पहुंच गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ती चिंता और अनिश्चितता को दर्शाता है। वहीं, भारतीय रुपया भी दबाव में दिखा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 49 पैसे गिरकर 93.32 पर आ गया।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
भू-राजनीतिक तनाव के चलते Brent Crude की कीमतों में तेज उछाल आया और यह 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजय कुमार के अनुसार, मौजूदा स्थिति में भू-राजनीतिक स्तर पर बड़े और अप्रत्याशित घटनाक्रम हो सकते हैं, जिनका सीधा असर बाजारों पर पड़ेगा।उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि इस अत्यधिक अनिश्चित माहौल में “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपनाना ही बेहतर होगा।
कुल मिलाकर
अमेरिका-ईरान तनाव के चलते बाजार में फिलहाल कमजोरी का माहौल बना हुआ है। निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है और वैश्विक संकेतों के आधार पर बाजार की दिशा तय होने की संभावना है।

