Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

सुसाइड क्यों कर रहे होनहार?

13 9

देश के प्रतिष्ठित कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में द्वितीय वर्ष की एक छात्रा अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाई गई, जिससे पिछले दो महीनों में परिसर में संदिग्ध छात्र मृत्यु का यह चौथा मामला सामने आया है। एनआईटी कुरुक्षेत्र में एक और छात्रा की आत्महत्या! यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर विफलता का संकेत है। एनआइटी में प्रवेश पाने के लिए छात्र छात्राओं द्वारा कठोर परिश्रम कर पढ़ाई कर प्रवेश परीक्षा पास कर तकनीकी शिक्षा लेने का सपना पूरा करने का मौका बिरले छात्रों को मिल पाता है लेकिन जब ऐसे होनहार छात्र छात्राओं द्वारा मौत को गले लगाने का सिलसिला चलता है तो इस संस्थान के माहौल पर भी सवालिया निशान लगता है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं बताती हैं कि छात्रों का मानसिक दबाव, संस्थागत संवेदनहीनता और सपोर्ट सिस्टम की कमी अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। सरकार और प्रशासन इन मौतों का मूक दर्शक बने हैं आखिर कब जागेंगे?

गुरुवार 16 अप्रैल, 2026 को जब दीक्षा दुबे ने अपने दोस्तों के फोन का जवाब नहीं दिया, तो वे उसके कमरे में पहुंचे और कमरा अंदर से बंद पाया। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीमें दोपहर करीब 3 बजे मौके पर पहुंचीं और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो वह मृत पाई गर्इं। शव को पोस्टमार्टम के लिए एलएनजेपी सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। घटना के पीछे का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। आगे की कार्यवाही जांच के निष्कर्षों और परिवार के बयानों पर निर्भर करेगी। फरवरी से अब तक एनआईटी कुरुक्षेत्र में यह चौथा मामला दर्ज किया गया है। 16 फरवरी को तेलंगाना निवासी अंगोद शिव (19) अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए। प्रथम सेमेस्टर के छात्र अंगोद शिव संस्थान में कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग (सीएसई) की डिग्री हासिल कर रहे थे। नूह के एक अन्य छात्र ने 31 मार्च को एनआईटी कुरुक्षेत्र में आत्महत्या कर ली।

तीसरी संदिग्ध मौत की सूचना 8 अप्रैल को मिली, जब हरियाणा के सिरसा निवासी प्रियांशु शर्मा अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए। वह सिविल इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के तीसरे वर्ष के छात्र थे। हाल ही में 16 अप्रैल को बिहार की रहने वाली 19 वर्षीय बीटेक छात्रा दीक्षा दुबे ने बृहस्पतिवार को कथित तौर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद यह समिति गठित की गई है। छात्रा की मृत्यु के बाद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। दीक्षा दुबे की मृत्यु पिछले दो महीनों में परिसर में हुई इस तरह की चौथी घटना थी।

18 अप्रैल शनिवार देर रात करीब 12 बजे कल्पना छात्रावास में एक छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया लेकिन मौके पर मौजूद अन्य छात्रों ने समय रहते उसे बचा लिया। इस घटना के बाद कैंपस में तनाव और बढ़ गया। इन संदिग्ध मौतों के चलते कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र देर रात मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रावास के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों का व्यवहार संतोषजनक नहीं था और उन्होंने स्थिति से निपटने के तरीके पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने घटना के सामने आने के बाद प्रतिक्रिया में लगने वाले समय पर भी सवाल उठाया।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र ने परिसर में हाल में छात्रों के आत्महत्या के मामलों की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। साथ ही छात्रों की समस्याओं की जांच के लिए तीन अलग-अलग समितियां भी बनाई हैं। जांच समिति इस मुद्दे पर छात्रों, प्रोफेसर, वार्डन और अन्य कर्मचारियों के साथ बातचीत करेगी। एनआईटी के जनसंपर्क अधिकारी प्रोफेसर ज्ञान भूषण ने रविवार को कहा कि परिसर में हाल में हुई आत्महत्या की घटनाओं की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। समिति की अध्यक्षता छात्र कल्याण विभाग की डीन प्रोफेसर लिली दीवान कर रही हैं और इसमें प्रोफेसर जे.के. कपूर, प्रोफेसर प्रवीण अग्रवाल, डॉ. संदीप सिंघल और डॉ. मनोज सिन्हा शामिल हैं।

पुलिस ने बताया था कि दुबे की कथित आत्महत्या के बाद शुक्रवार रात को बीटेक प्रथम वर्ष की एक अन्य छात्रा ने भी कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया है। संस्थान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए और सभी छात्रों के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी छात्रों के लिए अगले आदेश तक अवकाश रहेगा। एनआईटी प्रशासन की ओर से जारी एक नोटिस के अनुसार, उन्हें 19 अप्रैल तक अपने छात्रावास खाली करने होंगे। छात्रावासों में रह रहे लगभग 5,300 छात्रों में से 2,500 से अधिक छात्रों ने संस्थान के नोटिस के बाद शनिवार तक अपने कमरे खाली कर दिए। दूरदराज के राज्यों से आने वाले छात्रों के लिए स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रही है।

प्रशासन ने कहा कि प्रायोगिक परीक्षाओं समेत संशोधित परीक्षा कार्यक्रम की सूचना उचित समय पर दी जाएगी। छात्रों को परीक्षा शुरू होने से काफी पहले सूचित कर दिया जाएगा। हालांकि छात्रों का आरोप है कि पहले बनी जांच कमेटी ने भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया. कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि उन्हें मानसिक दबाव और परेशान किया जा रहा है. उनका दावा है कि एक प्रोफेसर ने यहां तक कह दिया कि ‘अगर सुसाइड करना है तो कैंपस के बाहर करो।’ इन आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इधर, बढ़ते विवाद के बीच एनआइटी प्रशासन ने 17 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टियां घोषित कर दी हैं। छात्रों को हॉस्टल खाली करने का नोटिस दिया गया है। इस पर भी छात्रों ने नाराजगी जताई है और कहा है कि उन्हें जबरदस्ती घर भेजकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है.

सवाल उठता है कि एक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थान में ऐसी क्या गड़बड़ी है कि भविष्य संवारने के लिए आए होनहार छात्र छात्राओं को सुसाइड करने की मजबूरी आन पड़ी है? इस के पीछे क्या संस्थान के शिक्षक प्रबंधन प्रशासन की कोई गड़बड़ी जिम्मेदार है या छात्रों के बीच में ही शेरों की खाल में कोई सियार छिपे हुए हैं और छात्र छात्राओं के साथ कोई अनैतिकता या अमानवीयता कर उन्हें सुसाइड करने के लिए मजबूर किया जा रहा है? की बार नशे के सौदागर और साइबर ठगी या निवेश के जाल मे फंसा कर ब्लेक मेल करने वाले गिरोह भी ऐसे वारदातों के पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं। क्या वजह है कि सरकार ने एक के बाद एक हो रही सुसाइड की वारदातों को गंभीरता से नहीं लिया आखिर कब तक हमारे उच्च शिक्षा संस्थान होनहार बच्चों के सपनों को रौंद कर उनके जीवन से खिलवाड़ करते रहेंगे। जो भी हो इन सुसाइड मामलों की गंभीरता से जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

टीवी की टॉप एक्टेस में शुमार सायंतनी घोष

छोटे पर्दे के लोकप्रिय धारावाहिक 'महाभारत' (2013) में राजमाता...

साउथ के लोकप्रिय स्टार अजित कुमार

अजित ने को अब तक चार विजय अवार्ड, तीन...

कियारा आडवाणी का कन्नड में डेब्यू

सुभाष शिरढोनकर निर्देशक गीतु मोहनदास व्दारा निर्देशित फिल्म 'टॉक्सिक: ए...

एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाए

नारी! तुम केवल श्रद्धा हो/विश्वास रजत नग पगतल में/पीयूष...

बंगाल में राजनीतिक हथियार बनी मछली

बंगाल में पहले चरण का चुनाव संपन्न हो चुका...
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here