जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हिंसा का चक्र रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो गया है और पाकिस्तान को हिंसा का रास्ता छोड़ देना चाहिए। उनका मानना है कि पाकिस्तान का जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग न मानना ही हिंसा को बढ़ावा देता है।
शांति के रास्तों की तलाश
एक इंटरव्यू में अब्दुल्ला ने कहा कि दोनों देशों को शांति के तरीकों की खोज करनी चाहिए। उन्होंने हालिया पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, और इसे भाईचारे को फिर से जगाने के प्रयासों के लिए बड़ा झटका बताया।
कश्मीरियों ने आतंकवाद के खिलाफ जताया विरोध
हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। यह पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संदेश था कि आतंकवाद अस्वीकार्य है। अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि पड़ोसी देश आतंकवाद का समर्थन कभी नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग शांतिप्रिय हैं और शांति चाहते हैं।
युवाओं के लिए अब सबसे बड़ा खतरा ड्रग्स
अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में युवाओं के लिए अब सबसे बड़ा खतरा उग्रवाद नहीं, बल्कि ड्रग्स का बढ़ता प्रकोप है। उन्होंने इस व्यापार में कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्तता पर खेद जताया और ड्रग्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर माता-पिता और नागरिक को इसमें एकजुट होना चाहिए। युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।

