जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अमेरिका भारत के साथ संबंध सुधारने की बातें कर रहा है, लेकिन वहीं ट्रंप प्रशासन भारत के खिलाफ कार्रवाई से पीछे नहीं हट रहा। अमेरिकी सरकार एक बार फिर भारत पर नया टैरिफ लगाने पर विचार कर रही है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने भारत समेत 60 देशों पर यह प्रस्ताव रखा है। इसकी वजह बताई गई है कि ये देश जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के निर्यात पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में विफल रहे हैं।
USTR का बयान
USTR के अनुसार, अमेरिकी व्यापार कानून 1974 की धारा 301 के तहत यह पाया गया है कि इन देशों की नीतियां अमेरिकी व्यापार पर अनावश्यक दबाव डालती हैं और उसे प्रभावित करती हैं। USTR अमेरिका की एक संघीय एजेंसी है जो देश की विदेश व्यापार नीति बनाने की जिम्मेदार है।
अमेरिका का कहना है कि भारत समेत 54 देशों ने उन सामानों के निर्यात पर जरूरी प्रतिबंध लगाने में विफलता दिखाई है, जिन्हें जबरन श्रम से तैयार किया गया। इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, बांग्लादेश, चीन, जापान, सऊदी अरब, सिंगापुर, ब्रिटेन और UAE शामिल हैं।
जैमिसन ग्रीर का बयान
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर ने कहा, “हमारे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार जबरन श्रम से निर्मित वस्तुओं के निर्यात को रोकने में विफल रहे हैं। इससे अमेरिकी कामगारों को असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।”
USTR ने इन देशों पर 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है और इस पर जनता की प्रतिक्रिया मांगी है। उनका कहना है कि जबरन श्रम आयात प्रतिबंधों की कमी वैश्विक स्तर पर इसे खत्म करने के प्रयासों को कमजोर करती है।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता जारी
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। हाल के दौर में दोनों देशों ने बाजार पहुंच, शुल्क, डिजिटल व्यापार और कृषि जैसे मुद्दों पर कई दौर की चर्चा की है।

