जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपना 54वां जन्मदिन मनाया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पड़ने वाले इस विशेष दिन को उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण के संदेश के साथ मनाया। प्रदेश के विभिन्न जिलों में वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर तथा सामाजिक सेवा से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री को देशभर के राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और लाखों समर्थकों ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
साधारण परिवार से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर
योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ था। उनका मूल नाम अजय मोहन सिंह बिष्ट है। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने गणित विषय से स्नातक की पढ़ाई की। इसके पश्चात वे गोरखनाथ मठ से जुड़े और आध्यात्मिक जीवन की राह चुनी। राजनीति में सक्रिय होने के बाद वर्ष 1998 में वे पहली बार गोरखपुर से सांसद निर्वाचित हुए। लंबे राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के बाद वर्ष 2017 में उन्हें उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। वर्तमान में वे लगातार दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत
अपने जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत राज्यभर में करोड़ों पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पौधरोपण कर लोगों से पर्यावरण बचाने और हरियाली बढ़ाने में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
नेताओं ने दी बधाई
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की। सोशल मीडिया पर भी पूरे दिन मुख्यमंत्री के जन्मदिन से जुड़े संदेश और हैशटैग ट्रेंड करते रहे।
जनता के नाम विशेष संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने जन्मदिन पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और जनकल्याण ही किसी भी उत्सव का सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से विकास, स्वच्छता और हरियाली को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को दोहराया।

