जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया ‘टोंटी’ वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तरों पर निशाना साधा।
अखिलेश ने अपनी पोस्ट में लिखा कि विज्ञान के अनुसार किशोरावस्था में कुछ वनस्पतियों का अत्यधिक सेवन व्यक्ति की समझ और अभिव्यक्ति क्षमता को प्रभावित कर सकता है। वहीं, मनोविज्ञान के हवाले से उन्होंने कहा कि बचपन और किशोरावस्था के अनुभव व्यक्ति की भाषा, व्यवहार और व्यक्तित्व पर गहरी छाप छोड़ते हैं, जो आगे चलकर सार्वजनिक जीवन में भी दिखाई देती है।
सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री की भाषा-शैली पर सवाल उठाते हुए उनके अतीत से जुड़े कुछ संदर्भ भी उठाए। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए दावा किया कि 1990 के दशक में अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ का पूर्व नाम) अपने पारिवारिक परिवहन व्यवसाय से जुड़े थे। अखिलेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि संभवतः उसी दौर में उन्होंने ऐसी भाषा सीखी होगी, जो आज भी उनके सार्वजनिक बयानों में झलकती है।
अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ के गोरखनाथ मठ से जुड़ने और उत्तराधिकारी बनने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि उन्हें मठ का उत्तराधिकारी किस आधार पर चुना गया और क्या इसके लिए कोई औपचारिक चयन प्रक्रिया अपनाई गई थी। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या रिश्तेदारी का इस फैसले में कोई प्रभाव था।
अखिलेश ने यह भी सवाल उठाया कि यदि कुछ ही वर्षों में उन्हें मठ की गद्दी और बाद में लोकसभा का टिकट मिला, तो क्या इसे योग्यता का परिणाम माना जाए या फिर पक्षपात और परिवारवाद का उदाहरण। उन्होंने अपनी टिप्पणी के अंत में कहा कि पद और परिधान समय तथा संबंधों की मदद से प्राप्त किए जा सकते हैं, लेकिन भाषा और व्यवहार व्यक्ति के अपने संस्कारों का परिचय देते हैं।
दरअसल, विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल संरक्षण पर बोलते हुए बिना किसी का नाम लिए कहा था कि सरकार हर घर नल-जल योजना को आगे बढ़ा रही है, लेकिन कुछ लोग टोंटी चोरी कर लेते हैं या उन्हें खुला छोड़कर पानी बर्बाद करते हैं। उन्होंने जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने वालों के प्रति सतर्क रहने और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की थी।
मुख्यमंत्री के इस बयान के दौरान उनकी मुस्कान और टिप्पणी को कई राजनीतिक विश्लेषकों तथा उपस्थित लोगों ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से जोड़कर देखा। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया, जिस पर अब अखिलेश यादव ने खुलकर जवाब दिया है।

