जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कसेरूवा गांव में मस्जिद पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने लोगों की आपत्तियों और कानूनी दलीलों को नजरअंदाज करते हुए एकतरफा कार्रवाई की है।
सांसद बर्क ने कहा कि लाख कोशिशों के बावजूद मस्जिद को बचाया नहीं जा सका और प्रशासन ने तय उद्देश्य के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। उनके अनुसार, इस घटना से लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान किसी को भी कानून से ऊपर नहीं मानता और सभी मामलों में संवैधानिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।
बर्क ने दावा किया कि कार्रवाई के बाद गांव में दुख और नाराजगी का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों में चिंता और असंतोष है। सांसद ने नाइंसाफी के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहने की बात भी कही।
मुठभेड़ों पर भी उठाए सवाल
एक अन्य कार्यक्रम में सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने उत्तर प्रदेश में हुई कुछ पुलिस मुठभेड़ों पर सवाल उठाए। उन्होंने असद की मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए कहा कि कानून के शासन में दोषी को सजा देने का अधिकार केवल न्यायालय को है।
बर्क ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में सरकार और प्रशासन दोहरे मापदंड अपनाते दिखाई देते हैं। उनका कहना था कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और किसी भी मामले में निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी अपराध या हत्या का समर्थन नहीं करते हैं। उनके अनुसार, कानून, संविधान और उनका मजहब हत्या की इजाजत नहीं देता, लेकिन कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक व्यवस्था का पालन हर हाल में होना चाहिए।
सांसद ने कहा कि पुलिस और प्रशासन को कानून के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

