जनवाधी ब्यूरो |
नई दिल्ली: गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 400 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 23100 के करीब खुला। एचसीएल टेक और एशियन पेंट्स के शेयरों में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। इसी दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले 35 पैसे गिरकर 95.60 पर आ गया।
मध्य पूर्व तनाव और अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई बेचैनी
भारतीय शेयर बाजार पर यह दबाव वैश्विक घटनाक्रम से आया। अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई और अहम व्यापारिक मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। तेल की बढ़ती कीमतों की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया, जिससे बाजार में बिकवाली तेज हुई।
साथ ही, अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा महंगाई के आंकड़ों ने ग्लोबल मार्केट में डर बढ़ाया। वॉल स्ट्रीट में बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा।
वैश्विक बाजारों की स्थिति
- एशियाई और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी देखी गई:
- जापान का निक्केई 225 फ्यूचर्स और टॉपिक्स 1.2% गिरा।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3% तक धड़ाम।
- ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.4% लुढ़का।
- हांगकांग का हैंग सेंग 0.1% और शंघाई कंपोजिट 0.2% नीचे।
- यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में 0.5% की कमजोरी।
- S&P 500 फ्यूचर्स 0.3% गिरा।
विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक अस्थिरता, बढ़ती तेल कीमतें और अमेरिकी महंगाई वैश्विक बाजारों के सेंटिमेंट को प्रभावित कर रहे हैं। निवेशक जोखिम कम लेने की स्थिति में हैं।
सरकार ने इथेनॉल पर दिया बड़ा रियायत
इस बीच, वित्त मंत्रालय ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विभिन्न वेरिएंट पर उत्पाद शुल्क माफ करने की घोषणा की। अधिसूचना के अनुसार E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क शून्य होगा। इसका उद्देश्य ग्राहकों को इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की ओर आकर्षित करना बताया गया है।

