जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर बने श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए सोमवार सुबह श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। इसी दौरान हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास बैरिकेडिंग के भीतर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह से अचानक अफरा-तफरी मच गई। कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ सोमवार सुबह दो अलग-अलग स्थानों पर घटनाएं सामने आईं। नीलकंठ द्वार के पास करंट फैलने की अफवाह के बाद भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बनी। वहीं, हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद परिजन और सुरक्षाकर्मी करीब 13 श्रद्धालुओं को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। घायलों का उज्जैन जिला अस्पताल और चरक अस्पताल में इलाज किया गया। चिकित्सक सभी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं
अफरा-तफरी के दौरान कई श्रद्धालु घायल हुए। घायलों में उज्जैन निवासी हिंदूबाई, सागर (19), लक्ष्मीबाई, गंजबासौदा निवासी अनसूया और उनकी मां ममता, गुजरात के वापी निवासी हरिश्चंद्र, ग्वालियर निवासी सोनम (18) और खुशी, दरभंगा बिहार निवासी सुजीत कुमार तथा गुजरात के वलसाड निवासी तुलसी और उनकी मां रेखाबाई शामिल हैं। भगदड़ जैसे हालात के दौरान बैरिकेड्स से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई। अन्य घायलों का भी अस्पताल में उपचार किया गया।
पुलिस-प्रशासन ने संभाली स्थिति
भीड़ का दबाव बढ़ने और अफरा-तफरी के चलते कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई। सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति संभाली और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित किया। फिलहाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था सुचारू बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई हैं।

