जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब के किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद हरियाणा के जींद जिला प्रशासन ने दातासिंह वाला-खनौरी बॉर्डर पर रविवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए सीमा सील कर दी। बॉर्डर पर चार लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई। पंजाब की ओर से दिल्ली जाने के लिए पहुंचे 51 किसानों के जत्थे को हरियाणा में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
किसानों की मांगों को लेकर जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा और एसपी कुलदीप सिंह के साथ किसान नेताओं की करीब डेढ़ घंटे में दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन दोनों दौर की बातचीत बेनतीजा रही। किसान केंद्रीय कृषि मंत्री से बातचीत और प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द करने की मांग पर अड़े रहे। किसान नेताओं ने 29 अगस्त तक खनौरी बॉर्डर पर पड़ाव जारी रखने का ऐलान किया है।
किसान नेताओं से दो दौर की बातचीत
रविवार दोपहर बाद पंजाब की ओर से किसानों का जत्था हरियाणा की तरफ बढ़ा तो प्रशासन ने पांच सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। प्रतिनिधिमंडल में किसान नेता काका सिंह कोटड़ा, बलदेव सिंह सरसा, इंद्रजीत पन्नीवाल, सुखदेव भोजराज और अमनजीत सिंह अरोड़ा शामिल रहे।
बैठक में जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा और एसपी कुलदीप सिंह ने किसानों की संख्या कम करने और मुख्यमंत्री से बातचीत कराने का प्रस्ताव रखा। किसान नेताओं ने इसे खारिज कर दिया। उनका कहना था कि उनका मुद्दा प्रस्तावित ट्रेड डील से जुड़ा है, इसलिए बातचीत केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ होनी चाहिए।
29 अगस्त तक बॉर्डर पर डटे रहने का ऐलान
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पैदल दिल्ली पहुंचना है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, वे 29 अगस्त तक खनौरी-दातासिंह वाला बॉर्डर पर पड़ाव जारी रखेंगे। वार्ता विफल होने के बाद किसान नेता पंजाब की ओर लौट गए और बॉर्डर पर ही धरने पर बैठ गए।
हरियाणा के 51 किसान हिरासत में
दिल्ली की ओर बढ़ रहे हरियाणा के 33 किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं कैथल की ओर से किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के नेतृत्व में बॉर्डर की तरफ पहुंच रहे 18 किसानों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
शुभकरण सिंह की मौत वाली जगह से मिट्टी लेकर जाएंगे दिल्ली
किसानों ने रविवार को खनौरी में उस स्थान से मिट्टी एकत्र की, जहां 21 फरवरी 2024 को किसान शुभकरण सिंह की मौत हुई थी। किसान इस मिट्टी को दिल्ली के जंतर-मंतर तक लेकर जाने की तैयारी में हैं।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में गैर-एसकेएम किसान संगठनों की ओर से यह पदयात्रा शुरू की जा रही है। किसानों का कहना है कि पदयात्रा के जरिए वे अपनी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे।

