जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टेंडर में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने मंगलवार को पूर्व दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन डीजेबी सीईओ और आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय, बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं। एसीबी ने बुधवार को सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया।
एसीबी के संयुक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत सिंह के मुताबिक, मामले में निजी कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क के सबूत मिले हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण से टेंडर की शर्तों, कॉरिजेंडम और अन्य दस्तावेजों के आदान-प्रदान का पता चला है। एजेंसी का आरोप है कि बाद में इनमें से कुछ शर्तों को टेंडर में शामिल किया गया। इस मामले में 11 मई 2024 को एफआईआर दर्ज की गई थी। एसीबी अब पूरे वित्तीय लेनदेन और कथित अपराध से अर्जित रकम की जांच कर रही है।
अधिकारियों को 6.73 करोड़ रुपये की रिश्वत का आरोप
ईडी के अनुसार, टेंडर में कथित हेराफेरी के जरिए यूरोटेक को करीब 10 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों को नकदी, हवाला और फर्जी इनवॉयस के माध्यम से करीब 6.73 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई। करीब 17.70 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में ईडी अब तक 15.36 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है।
सीईओ पर रिश्वत की रकम से संपत्ति खरीदने का आरोप
एसीबी का दावा है कि तत्कालीन डीजेबी सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में एएन एंटरप्राइजेज के माध्यम से करीब 1.52 करोड़ रुपये पहुंचे। जांच एजेंसी ने इस रकम को कथित रिश्वत बताया है। एजेंसी के मुताबिक, इस धनराशि का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि एएन एंटरप्राइजेज के खातों में यह पैसा यूरोटेक से जुड़ी संस्थाओं के जरिए पहुंचा।
आप ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक कार्रवाई
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर निशाना साधा और इसे राजनीतिक कार्रवाई करार दिया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले जैन की गिरफ्तारी का उद्देश्य चुनाव को प्रभावित करना है।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि एसीबी के एक अधिकारी ने उन्हें बताया था कि सुबह तक जैन को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं थी, लेकिन बाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कथित फोन के बाद गिरफ्तारी की गई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
केजरीवाल ने कहा कि सत्येंद्र जैन को एक बार फिर झूठे मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछला मामला भी फर्जी था और यह मामला भी अदालत में फर्जी साबित होगा। उन्होंने जेल में बिताए समय और कथित मानसिक प्रताड़ना का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया।
आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी गिरफ्तारी को भाजपा की कथित बौखलाहट बताया। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब चुनाव को प्रभावित करने के लिए आप नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।
भाजपा का पलटवार
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर कहा कि सत्ता जवाबदेही को टाल सकती है, लेकिन उसे खत्म नहीं कर सकती। उन्होंने डीजेबी के एसटीपी टेंडर में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी हुई है और जांच आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, कुर्सी बदल सकती है, लेकिन फाइलें नहीं बदलतीं और अंततः जवाबदेही तय होती है।
करीब दो साल जेल में रहे थे जैन
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। दिल्ली की एक अदालत ने 18 अक्टूबर 2024 को उन्हें जमानत दी थी। इसके बाद वह करीब 872 दिन जेल में रहने के बाद बाहर आए थे।
जेल में रहने के दौरान जैन पर तिहाड़ में वीआईपी सुविधाएं मिलने के आरोप भी लगे थे। ईडी ने अदालत में हलफनामा और तस्वीरें पेश कर इस संबंध में शिकायत की थी। जांच एजेंसी का दावा था कि उन्हें जेल में कई विशेष सुविधाएं मिल रही थीं। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि जैन की तबीयत खराब थी।

