जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कई बदलाव लेकर आती है। कुछ बदलाव सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े होते हैं, तो कुछ नियमों में बदलाव का असर टैक्सपेयर्स, यात्रियों और गैस उपभोक्ताओं पर पड़ता है। 1 सितंबर 2026 से भी कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं।
इनमें अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए बोर्डिंग पास से जुड़ा नियम, मुंबई में दूध की थोक कीमत में बढ़ोतरी, इनकम टैक्स रिटर्न की डेडलाइन और LPG e-KYC से जुड़े नियम शामिल हैं। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में भी बदलाव संभव है।
आइए जानते हैं 1 सितंबर 2026 से किन-किन बदलावों का असर देखने को मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए बदलेगा बोर्डिंग पास का नियम
1 सितंबर 2026 से भारत से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।
यात्री इमिग्रेशन प्रक्रिया के दौरान अपने मोबाइल फोन पर इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे। इसके अलावा प्रिंटेड बोर्डिंग पास का इस्तेमाल करने का विकल्प भी रहेगा। इस बदलाव से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर डिपार्चर की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
मुंबई में महंगा हो सकता है दूध
मुंबई में 1 सितंबर से भैंस के ताजे दूध की थोक कीमत में बढ़ोतरी होने जा रही है। मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के मुताबिक, डेयरी फार्म से सप्लाई होने वाले भैंस के ताजा दूध की थोक कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी।
यानी थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई थोक कीमत 28 फरवरी 2027 तक लागू रहने की बात कही गई है।
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि मुंबई में हर ग्राहक के लिए दूध सीधे 9 रुपये प्रति लीटर महंगा हो जाएगा। खुदरा कीमत स्थानीय सप्लायर, डेयरी और दुकानदार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
ITR फाइल करने की डेडलाइन खत्म
इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करने वाले कुछ टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त 2026 महत्वपूर्ण आखिरी तारीख है।
जिन टैक्सपेयर्स की बिजनेस या प्रोफेशन से आय है और जिनके खातों का ऑडिट कराना जरूरी नहीं है, उनके लिए Assessment Year 2026-27 का ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। यह डेडलाइन मुख्य रूप से पात्र टैक्सपेयर्स के ITR-3 और ITR-4 से जुड़ी है।
अगर कोई पात्र टैक्सपेयर तय तारीख तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है, तो लागू नियमों और शर्तों के तहत बाद में बिलेटेड ITR दाखिल किया जा सकता है। हालांकि, देर से रिटर्न दाखिल करने पर लेट फाइलिंग से जुड़े नियम और शुल्क लागू हो सकते हैं।
LPG e-KYC को लेकर जरूरी अपडेट
LPG गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं के लिए e-KYC भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं को e-KYC पूरी करनी है, उनके लिए 31 अगस्त 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी करना जरूरी बताया गया है।
अगर उपभोक्ता समय पर e-KYC पूरी नहीं करते हैं, तो 1 सितंबर के बाद LPG से जुड़ी सेवाओं या सब्सिडी पर असर पड़ सकता है। इसलिए गैस उपभोक्ताओं को अपनी e-KYC की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए।
पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में हो सकता है बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को तेल और गैस मार्केटिंग कंपनियों की ओर से पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों की समीक्षा की जाती है। ऐसे में 1 सितंबर 2026 से पेट्रोल, डीजल या LPG की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, कीमतों में वास्तव में कितनी बढ़ोतरी या कमी होगी, इसका पता 1 सितंबर को कंपनियों की ओर से नए रेट जारी होने के बाद ही चलेगा।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
1 सितंबर से होने वाले ये बदलाव अलग-अलग वर्गों को प्रभावित कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास से जुड़ी प्रक्रिया में राहत मिल सकती है। मुंबई के लोगों के लिए दूध की थोक कीमत बढ़ने से खुदरा कीमतों पर असर पड़ने की संभावना है। वहीं, टैक्सपेयर्स और LPG उपभोक्ताओं के लिए तय समयसीमा और KYC से जुड़े नियमों पर ध्यान देना जरूरी होगा।

