जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची सोमवार, 31 अगस्त 2026 को जारी कर दी गई। दिल्ली के सभी 13 जिलों में करीब दो महीने से चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद अब मतदाता ड्राफ्ट रोल में अपना नाम चेक कर सकते हैं।
ड्राफ्ट सूची में नाम देखने के लिए मतदाताओं को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली (CEO Delhi) की वेबसाइट पर जाना होगा। यहां SIR ड्राफ्ट रोल से जुड़े पेज पर जिला, विधानसभा क्षेत्र और भाषा का चयन करना होगा। इसके बाद कैप्चा भरकर संबंधित ड्राफ्ट रोल की PDF खोली जा सकती है, जिसमें मतदाता अपना नाम खोज सकते हैं।
47.7 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होंगे
दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मौजूदा मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में दिखाई नहीं देंगे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन मतदाताओं के नाम हमेशा के लिए मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं। ऐसे लोगों को 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक अपना दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है।
इस बार जरूरत पड़ने पर केवल पहचान बताना पर्याप्त नहीं होगा। निर्वाचन अधिकारियों की जांच में यदि किसी मतदाता का विवरण वर्ष 2002 की SIR सूची से मेल नहीं खाता है, तो उससे अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। नाम, पारिवारिक संबंध या उम्र से जुड़े रिकॉर्ड में असामान्य अंतर मिलने पर भी मतदाता से स्पष्टीकरण लिया जा सकता है।
यदि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को किसी व्यक्ति की उम्र या नागरिकता को लेकर संदेह होता है, तो वह अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है। हालांकि, सभी मतदाताओं के लिए दस्तावेजों की जरूरत समान नहीं होगी। यह मुख्य रूप से जन्मतिथि के आधार पर तय होगी।
जन्मतिथि के आधार पर मांगे जा सकते हैं अलग दस्तावेज
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति: उन्हें अपनी जन्मतिथि या जन्मस्थान से संबंधित दस्तावेज देने होंगे। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति: उन्हें अपने दस्तावेजों के साथ माता या पिता में से किसी एक से संबंधित दस्तावेज देना होगा। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति: ऐसे मतदाताओं से स्वयं के साथ माता-पिता दोनों से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
इस तरह अलग-अलग आयु वर्ग के मतदाताओं के लिए नागरिकता और पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी भी अलग होगी। खास बात यह है कि आधार कार्ड को अकेले पर्याप्त दस्तावेज नहीं माना जाएगा। जरूरत के अनुसार मतदाताओं को अन्य स्वीकार्य दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
एन्युमरेशन फॉर्म नहीं मिला तो भी नाम जुड़वाने का मौका
डोर-टू-डोर प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों तक एन्युमरेशन फॉर्म नहीं पहुंच पाया या जो किसी वजह से फॉर्म जमा नहीं कर सके, उनके लिए भी मतदाता सूची में नाम शामिल कराने का रास्ता खुला रहेगा। ऐसे मतदाता फॉर्म-6 के जरिए अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। आवेदन की सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी।
ऑनलाइन आवेदन के लिए फॉर्म-6 और संबंधित घोषणा भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर अपलोड किया जा सकेगा। वहीं, ऑफलाइन आवेदन के लिए मतदाता अपने संबंधित मतदान केंद्र या बूथ स्तर पर फॉर्म और दस्तावेज जमा कर सकेंगे। जिन लोगों को जांच के बाद नोटिस जारी किया जाएगा, वे भी इसी प्रक्रिया के तहत अपने पक्ष में जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकेंगे। इस तरह ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने के बावजूद पात्र मतदाताओं के लिए अपना नाम शामिल कराने का अवसर बना रहेगा।

