जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: कौशाम्बी-प्रयागराज सीमा पर स्थित मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट से इलाके में हड़कंप मच गया। पिपरी थाना क्षेत्र में दोपहर करीब 12 बजे फैक्टरी में अचानक आग लग गई। इसके बाद अंदर रखे पटाखों में लगातार जोरदार धमाके होने लगे। धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्टरी के आसपास बने 15 से अधिक मकान धराशायी हो गए। कई घरों के मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है। प्रारंभिक सूचना के मुताबिक हादसे में पांच लोगों की मौत की बात सामने आ रही है, जबकि दर्जनभर से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
धुएं का गुबार छाया, लगातार होते रहे धमाके
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्टरी से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ और कुछ ही पलों में पटाखों में विस्फोट होने लगे। लगातार धमाकों से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
धमाकों की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इनकी आवाज करीब दो से तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के कारण आसपास के मकानों के शीशे टूट गए। बताया जा रहा है कि फैक्टरी से उछला ईंट-पत्थर और मलबा करीब 250 मीटर दूर स्थित रेलवे पुल तक जा पहुंचा।
मकानों के मलबे में दबे लोगों की तलाश
बताया जा रहा है कि बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित की जा रही थी। हादसे के समय फैक्टरी के अंदर करीब दर्जनभर लोगों के मौजूद होने की सूचना है।
विस्फोट के बाद फैक्टरी के आसपास के कई मकान भी इसकी चपेट में आ गए। लगातार हो रहे धमाकों के कारण शुरुआत में राहत-बचाव टीमों और ग्रामीणों के लिए घटनास्थल के करीब जाना मुश्किल रहा।
धमाके रुकने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर लोगों की तलाश की जा रही है।
सेना और एयरफोर्स के जवानों ने संभाला मोर्चा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए कौशाम्बी और प्रयागराज दोनों जिलों से पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। राहत-बचाव कार्य में पुलिस और प्रशासन के साथ सेना के जवान भी जुटे हैं। एयरफोर्स के जवानों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है।
मौके पर प्रयागराज के एडीजी, आईजी, डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। कौशाम्बी के डीएम और एसपी भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत-बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
घायलों को SRN अस्पताल भेजा गया
विस्फोट में झुलसे लोगों को इलाज के लिए प्रयागराज के SRNअस्पताल भेजा गया है। कौशाम्बी के डीएम डॉ. अमित पाल ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डॉक्टरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि घायलों को तत्काल उपचार मिल सके।
वहीं, कुछ स्थानीय लोगों और घायलों के परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद एंबुलेंस पहुंचने में देरी हुई। उनका दावा है कि करीब एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद कुछ घायलों को छोटे मालवाहक वाहन और चारपाई के सहारे अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, एंबुलेंस की कथित देरी को लेकर प्रशासन की ओर से फिलहाल आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फैक्टरी के ऊपर से गुजर रहे थे बिजली के तार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस मकान में पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी, उसके ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे थे। हालांकि, आग लगने और उसके बाद हुए विस्फोट की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस और प्रशासन की टीमें घटना की जांच में जुटी हैं। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की है।

