जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रिटायरमेंट से पहले मंगलवार को अपनी आखिरी ट्रेनर सॉर्टी पूरी की। उन्होंने हैदराबाद के पास डंडीगल स्थित एयर फोर्स एकेडमी (AFA) में ‘किरण’ विमान उड़ाया। अधिकारियों के मुताबिक, यह उड़ान उनके लिए खास रही, क्योंकि इसी अकादमी से उनके फ्लाइंग करियर की शुरुआत हुई थी।
लैंडिंग के बाद दिया गया वाटर कैनन सैल्यूट
आखिरी ट्रेनर उड़ान पूरी कर विमान के उतरने के बाद एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को सम्मान के तौर पर वाटर कैनन सैल्यूट दिया गया। इस दौरान उनके साथ उनके पूर्व इंस्ट्रक्टर विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) वीएस कोचर भी मौजूद थे, जिनके साथ उन्होंने उड़ान भरी।
यह मौका उनके शुरुआती प्रशिक्षण के दिनों की यादें ताजा करने वाला रहा। ‘किरण’ विमान से उनका पुराना जुड़ाव रहा है, क्योंकि उन्होंने अपने फ्लाइंग करियर की शुरुआत भी इसी विमान से की थी।
1984 में ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ के साथ हुए थे पास आउट
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह वर्ष 1984 में एयर फोर्स एकेडमी से ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ के साथ पास आउट हुए थे। इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना में अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और आगे चलकर वायुसेना प्रमुख बने। उनकी आखिरी ट्रेनर सॉर्टी उनके लंबे उड़ान करियर के एक अहम पड़ाव के रूप में देखी जा रही है।
तेजस में भी भरी थी आखिरी फाइटर सॉर्टी
इससे पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 12 अक्टूबर को जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित ‘एक्सरसाइज तरंग शक्ति’ के दौरान स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ में अपनी आखिरी फाइटर जेट सॉर्टी भरी थी।
‘किरण’ ट्रेनर विमान से शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण से लेकर ‘तेजस’ जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान तक का उनका सफर भारतीय वायुसेना में उनके लंबे अनुभव को दर्शाता है। रिटायरमेंट से पहले एयर फोर्स एकेडमी में भरी गई यह आखिरी ट्रेनर उड़ान उनके लिए एक यादगार पल रही, जहां से कभी उन्होंने एक प्रशिक्षु पायलट के रूप में अपने सफर की शुरुआत की थी।

