जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के बीड जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा माजलगांव तालुका में शिंदेवाड़ी फाटा के पास सुबह करीब 11 बजे हुआ। जानकारी के मुताबिक, देवी तुलजा भवानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लेकर तुलजापुर जा रही एक कार की राज्य परिवहन निगम की बस से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने और दुर्घटनास्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
शिंदेवाड़ी जंक्शन के पास कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माजलगांव का एक परिवार कार से तुलजापुर में देवी तुलजा भवानी के दर्शन करने जा रहा था। इसी दौरान शिंदेवाड़ी जंक्शन के पास कार और राज्य परिवहन की बस के बीच भीषण टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह चकनाचूर हो गई, जबकि बस का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद राजमार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। वहीं, हादसे की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी घटनास्थल पर जुट गए और सड़क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की।
हादसे से नाराज ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
दुर्घटना के बाद शिंदेवाड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों ने राजमार्ग पर जाम लगा दिया। उनका आरोप है कि शिंदेवाड़ी जंक्शन के पास सड़क पर बने उभार या जंप के कारण यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस स्थान पर तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं। उनका कहना है कि बार-बार हादसे होने के बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों के नाम
इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
ओंकार महादेव गिरी (24 वर्ष)
गजानन महादेव नामदास (38 वर्ष)
मौली गजानन नामदास (11 वर्ष)
सोमनाथ बाडे (23 वर्ष)
अनिल आचार्य (40 वर्ष)
हादसे में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
एक साल में 50 से 70 मौतों का ग्रामीणों का दावा
स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि पिछले एक साल के दौरान इस राजमार्ग पर हुए सड़क हादसों में करीब 50 से 70 लोगों की जान जा चुकी है। उनका आरोप है कि इस समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार हो रही दुर्घटनाओं और लोगों की मौतों से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सड़क की खामियों को दूर करने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सड़क की खामियों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
फिलहाल, हादसे के कारणों और सड़क की स्थिति को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

