जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान विभिन्न दलों से आए नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। पूर्व आईएएस राम बहादुर पासी, कुशाग्र शाक्य, विनोद शाक्य और बसपा से जुड़े दारा सिंह प्रजापति सहित कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। अखिलेश यादव ने इन नेताओं के शामिल होने को पार्टी के संगठनात्मक विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि इससे पूरब से पश्चिम तक राजनीतिक हलचल हुई है।
नए नेताओं को बताया PDA का मजबूत स्तंभ
अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल हुए नए नेताओं को पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि नए साथियों के आने से संगठन को मजबूती मिलेगी। दारा सिंह प्रजापति का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा, “जिनके साथ दारा होंगे, अखाड़ा वही जीतेंगे।” उन्होंने राम नाम का उल्लेख करते हुए कहा, “जिनके नाम में राम जुड़ा हो, उनके बन जाएंगे सब काम।”
बदायूं में सपा की मजबूती का दावा
अखिलेश यादव ने कुशाग्र सागर के पार्टी में शामिल होने को बदायूं में सपा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विनोद शाक्य की दातागंज और आसपास के क्षेत्रों में समाज को जोड़ने में भूमिका रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इन नेताओं के जुड़ने से स्थानीय स्तर पर संगठन को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
दारा सिंह प्रजापति बोले- सपा के लिए काम करने आया हूं
बसपा से जुड़े रहे दारा सिंह प्रजापति ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी में कुछ लेने नहीं, बल्कि पार्टी के लिए काम करने आए हैं। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि सपा कांशीराम के विचारों पर चल रही है।
शिवपाल यादव और सलीम शेरवानी ने भी जताया भरोसा
सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने कहा कि पार्टी में लगातार नए नेता और लोग शामिल होते रहेंगे। उन्होंने सरकार पर देश को बांटने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। साथ ही, नए सदस्यों को भरोसा दिलाया कि पार्टी में उन्हें निराश नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं, पूर्व सांसद सलीम शेरवानी ने बदायूं की सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी की जीत का दावा किया। यह उनका राजनीतिक दावा है, जिसका परिणाम आगामी चुनावों में ही स्पष्ट होगा।
अमेरिका से आईं शमीना प्रवीन ने भी रखी बात
प्रेसवार्ता में अमेरिका से आईं शमीना प्रवीन भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि दूसरे देश भारत को विश्व गुरु के रूप में मानें।
प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने नए नेताओं के पार्टी में शामिल होने को संगठन के विस्तार और पीडीए की राजनीति को आगे बढ़ाने से जोड़ा। अब देखना होगा कि इन नेताओं के जुड़ने से संबंधित क्षेत्रों में पार्टी के संगठन पर क्या प्रभाव पड़ता है।

