जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: उत्तराखंड में एक बार फिर धरती डोल उठी। पिथौरागढ़ जिले में आज दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, दोपहर 12:51 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई। भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ में था, जिसकी गहराई जमीन से करीब 11 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।
उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील
उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में आता है। पहले राज्य के विभिन्न जिलों को भूकंपीय जोन चार और पांच में वर्गीकृत किया गया था। अब भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की भूकंपरोधी निर्माण से संबंधित रीति संहिता-2025 में नए भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र को लेकर जोन छह का उल्लेख किया गया है।
इस बदलाव के संदर्भ में उत्तराखंड समेत अन्य हिमालयी क्षेत्रों में भूकंप के जोखिम और निर्माण की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के जोखिम को देखते हुए भवनों और अन्य संरचनाओं का निर्माण निर्धारित भूकंपरोधी मानकों के अनुरूप किया जाना बेहद जरूरी है। सुरक्षित निर्माण तकनीकों को अपनाकर भूकंप से होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।

