जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वह गायक दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बात करेंगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण पर अपनी बात रखी। वहीं, अभिनेता अनुपम खेर और राजपाल यादव के बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब कुंजापुरी मेले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर दलेर मेहंदी को फटकार लगाई। इसके बाद मामले को लेकर विरोध शुरू हो गया और सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का किया बचाव
अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को पिछले 25 से 30 वर्षों से जानते हैं और वह एक बड़े कलाकार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे। अनुपम खेर के मुताबिक, संभव है कि दलेर मेहंदी ने लिप्सिंग की हो, क्योंकि पिछले दो-तीन वर्षों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही है।
उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी अपने वादे के मुताबिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पहुंचे होंगे। हालांकि, किसी कलाकार पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना उचित नहीं है। इस बीच, अभिनेता राजपाल यादव के बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
सुबोध उनियाल बोले- लगा था कि दलेर मेहंदी नशे में हैं
विवाद पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी अपनी सफाई दी है। उनका बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उनियाल ने कहा कि उस समय उन्हें लगा था कि दलेर मेहंदी नशे में हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि कथित नशा किस चीज का था। उन्होंने यह भी कहा कि इतने बड़े कलाकार का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया जा सकता। बाद में उन्हें बताया गया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी।
45 मिनट तक प्रस्तुति नहीं दे पाए थे दलेर मेहंदी: उनियाल
सुबोध उनियाल के अनुसार, यदि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो आयोजकों या संबंधित लोगों को इसकी जानकारी पहले ही देनी चाहिए थी। ऐसी स्थिति में उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए था।
मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए गए थे। इसके अलावा, उनके ठहरने के लिए होटल की अलग से व्यवस्था भी की गई थी। उनियाल ने कहा कि उनका उद्देश्य संगीत या किसी कलाकार को बदनाम करना नहीं था। लेकिन जब दलेर मेहंदी करीब 45 मिनट तक प्रस्तुति नहीं दे पाए, तो जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने उन्हें टोका। उन्होंने कहा कि कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन कलाकारों को भी अपने सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
अब मुख्यमंत्री धामी करेंगे दोनों गायकों से बातचीत
कुंजापुरी मेले में हुए इस घटनाक्रम के बाद विवाद लगातार चर्चा में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत करने की बात कही है। अब इस मामले में मुख्यमंत्री की बातचीत के बाद क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर रहेगी।

