जनवाणी संवाददाता |
तितावी: थाना क्षेत्र के गांव तितावी व धौलरा के बीच पानीपत-खटीमा मार्ग पर भाकियू व प्रशासन के बीच टकराव के बाद आज किसानों की मांगे मान ली गई। किसानों के उग्र रूप को देखते हुए किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ पीएससी बल को धरनास्थल के पास तैनात किया गया था।
जमीन पर कब्जा जमाने के लिए प्रशासन की टीम लगभग एक दर्जन जेसीबी मशीन के साथ पूरी तैयारी के साथ आई थी। प्रशासन ने किसानों को अधिग्रहीत की गई जमीन पर से तीन दिन के अंदर फसल काटने का समय दिया गया। जिसके बाद किसानों का धरना समाप्त हो गया।
गुरुवार को पानीपत-खटीमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन व भाकियू कार्यकर्ता आमने सामने आ गए थे। प्रशासन की टीम ने जेसीबी से लगभग 20 बीघा जमीन पर लगी फसल को नष्ट कर दिया था। किसानों की मांग थी कि पहले उनकी जमीन व फसल का मुआवजा दिया जाएगा उसके बाद सरकार को जमीन पर कब्जा करने दिया जाएगा। जिसको लेकर प्रशासन व किसानों के बीच झड़प भी हुई थी।
गुरुवार देर रात्रि भाकियू अध्यक्ष ने धरने पर पहुंचकर घोषणा की थी कि शुक्रवार प्रातः 10 बजे किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर धौलरा-तितावी के बीच स्थित मंदिर के पास धरना दिया जाएगा। आज प्रातः से ही भारी संख्या में किसान धरनास्थल पर जमा होने शुरू हो गए।
किसानों के जमावड़े को देखते हुए प्रशासन सकते में आ गया। धरने के दौरान किसानों ने जमकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ ही देर में किसानों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। हाइवे पर जाम लगने से दोनों ओर वाहनों की लम्बी-लम्बी लाइने लग गई। जाम लगते देख प्रशासन के होश उड़ गए। जिसके बाद एडीएम अमित कुमार ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सिसौली पहुंचकर भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत से वार्ता की।
नरेश टिकैत के कहने पर किसानों ने जाम खोल दिया और धरना शुरू कर दिया। घंटे तक चले धरने पर लगभग दो बजे नरेश टिकैत किसानों के बीच पहुंचे और प्रशासन के सामने किसानों की मांगों को रखा। नरेश टिकैत ने कहा कि वह सड़क के चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं है।
सरकार सम्मान के साथ किसानों की जमीन ले। किसान भी क्षेत्र का विकास चाहते हैं। किसानों को उनकी जमीन व फसल का मुआवजा दिया जाएगा। किसानों की मांगों को देखते हुए एडीएम अमित कुमार ने आश्वासन दिया कि किसान अधिग्रहीत की गई जमीन से तीन दिन के अंदर अपनी फसलों को काट ले और उसको बेच ले। उन्होंनेे कहा कि अगर किसानों को उनकी फसल का कम दाम मिलता है तो उसके नुकसान की भरपाई सरकार से कराई जाएगी।
भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों पर जो मुकदमा दर्ज किया गया है वह वापस लिया जाए। जिस पर एडीएम अमित कुमार ने किसानों से मुकदमा वापस लेने की घोषणा की। बता दें कि प्रशासन की टीम ने गत दिन लगभग 20 बीघा किसानों की फसल पर जेसीबी चलाकर नष्ट कर दी थी। जिसमें लगभग 1600 कुतंल गन्ने की फसल नष्ट हो गई थी। जिसकी कीमत एक लाख 28 हजार रुपये बैठती है।
अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी नष्ट फसल का मुआवजा उन्हें दिलाया जाएगा। एडीएम अमित कुमार के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान एडीएम वित्त, सीओ फुगाना राममोहन शर्मा, एसडीएम सदर दीपक कुमार, जहीर फारूकी, राजू अहलावत भाकियू जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान, विकास शर्मा सहित कई थानों की फोर्स, पीएसी बल व काफी संख्या मंे किसान मौजूद रहे। किसानों के धरना समाप्त होने से पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सिसौली पहुंची नरेश टिकैत के साथ वार्ता की जिसके बाद जाम खोल दिया गया। धरनता रत किसानों ने दो बजे नरेश टिकैत पहुंचे। और कसानों की फसल का मुआवजा मिले किसानों को सम्मान दिया जाएगा।
वार्ता के बाद एडीएम वित्त ने आश्वासन दिया कि तीन दिन के अंदर अपनी जमीन काट ले और उसे बेच दे। अगर उनकी फसल का दाम कम मिलता है तो उसके ऊपर के दाम प्रशासन से दिलाने का आश्वासन दिया गया।
प्रशासन बीस बीघा जमीन नष्ट कर दी एक बीघा में 80 कुंतल गन्ना नष्ट किया गया कुल 1600 कुंतल नष्ट कर दिया था जिसका मुआवजा के लिए आश्वासन दिया।

